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पंजाब और एनआरआई श्रद्धालुओं को 66वां जत्था पहुंचा तलाई
Tue, 09 Apr 2019 12:56 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहतलाई(बिलासपुर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहतलाई(बिलासपुर)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 09 Apr 2019 12:56 PM IST
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शाहतलाई बाजार में सोमवार को रगड़ बादशाह कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पंजाब व एनआरआई श्रद्धालुओं का 66 वां यात्रा का जत्था तलाई पहुंचा। हाथों में साढ़े तीन सौ से भी ज्यादा एक जैसे बाबा बालक नाथ के झंडे उठाए पांच हजार श्रद्धालुओं का दृष्य मन को मोह लेने वाला था। मुख्य बाजार में खिलौना चॉपर संगतों के ऊपर फूल बरसा रहा था।
तपोस्थली शाहतलाई परिसर के बाहर से ही दर्शन कर 5 हजार के करीब श्रद्धालुओं का जत्था लाइन बनाकर दियोटसिद्ध गुफा को पैदल ही बाबा जी का गुणगान करते हुए बाजार से निकला। मुख्य बाजार में खिलौना चॉपर संगतों के ऊपर फूल बरसा रहा था। वहीं जत्था बाबा बालक नाथ के भजनों का गुणगान कर आगे बढ़ रहा था। कस्बा बाबा जी के भजनों से गुंजायमान लग रहा था। जत्थे द्वारा रगड़ बादशाह के ऊपर खूब कनाडा डॉलर की वर्षा बाजार में देखने को मिली।
इस संगत में 400 से अधिक कनाडा से एनआरआई इसके अलावा बेल्जियम जर्मनी फ्रांस इंग्लैंड इत्यादि विदेशों में रहने वाले एनआरआई श्रद्धालु भी पहुंचे हुए हैं। बीबी सत्य देवी के बाद इस जत्थे का नेतृत्व रगड़ बादशाह कृष्ण कुमार पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। पांच हजार से भी अधिक श्रद्धालु इस जत्थे में पंजाब बंगा से 41 फ्री बसें, आठ ट्रक व 450 छोटे वाहनों के साथ बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
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रविवार को कृष्ण कुमार के नेतृत्व में बाबा जी की चौंकी इन श्रद्धालुओं ने लगाई जिसमें बाबा जी के भजनों का गुणगान कार्यक्रम भी रहा। धार्मिक नगरी में आई हुई हजारों की इस संगत जत्था के कारण खूब रौनक देखने को मिल रही है। कृष्ण कुमार की ओर से एक महीने का श्रद्धालुओं के लिए लंगर भी चला हुआ है। वहीं मुख्य द्वार शाहतलाई प्रवेश शुल्क पर भव्य गेट अस्थायी तौर पर मेले के लिए इनके द्वारा बनाया गया है जोकि प्रवेश द्वार शाहतलाई की सुंदरता को चार चांद लगा रहा है।
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तपोस्थली शाहतलाई परिसर के बाहर से ही दर्शन कर 5 हजार के करीब श्रद्धालुओं का जत्था लाइन बनाकर दियोटसिद्ध गुफा को पैदल ही बाबा जी का गुणगान करते हुए बाजार से निकला। मुख्य बाजार में खिलौना चॉपर संगतों के ऊपर फूल बरसा रहा था। वहीं जत्था बाबा बालक नाथ के भजनों का गुणगान कर आगे बढ़ रहा था। कस्बा बाबा जी के भजनों से गुंजायमान लग रहा था। जत्थे द्वारा रगड़ बादशाह के ऊपर खूब कनाडा डॉलर की वर्षा बाजार में देखने को मिली।
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इस संगत में 400 से अधिक कनाडा से एनआरआई इसके अलावा बेल्जियम जर्मनी फ्रांस इंग्लैंड इत्यादि विदेशों में रहने वाले एनआरआई श्रद्धालु भी पहुंचे हुए हैं। बीबी सत्य देवी के बाद इस जत्थे का नेतृत्व रगड़ बादशाह कृष्ण कुमार पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। पांच हजार से भी अधिक श्रद्धालु इस जत्थे में पंजाब बंगा से 41 फ्री बसें, आठ ट्रक व 450 छोटे वाहनों के साथ बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
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रविवार को कृष्ण कुमार के नेतृत्व में बाबा जी की चौंकी इन श्रद्धालुओं ने लगाई जिसमें बाबा जी के भजनों का गुणगान कार्यक्रम भी रहा। धार्मिक नगरी में आई हुई हजारों की इस संगत जत्था के कारण खूब रौनक देखने को मिल रही है। कृष्ण कुमार की ओर से एक महीने का श्रद्धालुओं के लिए लंगर भी चला हुआ है। वहीं मुख्य द्वार शाहतलाई प्रवेश शुल्क पर भव्य गेट अस्थायी तौर पर मेले के लिए इनके द्वारा बनाया गया है जोकि प्रवेश द्वार शाहतलाई की सुंदरता को चार चांद लगा रहा है।