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भू-अर्जन अधिकारी को शिकायत का जवाब न देने पर रिमाइंडर जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिला राजस्व अधिकारी ने एनएचएआई के भू-अर्जन अधिकारी को शिकायत का जवाब न देने पर रिमाइंडर जारी कर दिया है। रिमाइंडर में राजस्व अधिकारी ने बिना समय निर्धारित किए ही भू-अर्जन अधिकारी को शिकायत का जवाब देने को कहा है। जबकि इससे पहले भी भू-अर्जन अधिकारी को दो बार पत्र भेजकर शिकायत का जवाब मांगा जा चुका है लेकिन अभी तक उनकी तरफ से फोरलेन समिति की शिकायत का कोई भी जवाब नहीं आया है।
गौरतलब है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में अधिग्रहित की गई भूमि व शेष बची भूमि का राजस्व रिकॉर्ड हलके किस्म के कागज पर स्कैन किया जिससे स्याही फैल जाने से ततीमा जात में दर्ज करूकान पढ़ने योग्य नहीं रहे। इसकी रिपोर्ट आरटीआई के माध्यम से पटवारी हल्कों की ओर से प्राप्त हुई।
पटवारियों की ओर से दी गई इस रिपोर्ट पर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मुख्य सचिव को 2017 में पत्र लिखा था जिसके बाद उपायुक्त बिलासपुर को भी इस संबंध में अवगत करवाया था। इसकी जांच पुलिस विभाग द्वारा की गई थी लेकिन अभी तक दो साल बीत जाने पर भी इस शिकायत का कोई निपटारा नहीं किया गया। जबकि इस विषय पर भू-अधिग्रहण की विशेष इकाई के तहसीलदार को मदवार जवाब देने के आदेश जारी किए थे। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि जिसकी पुष्टि आरटीआई के माध्यम से भू-अर्जन अधिकारी की ओर से की गई नोटिग शीट से हुई है।
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20-7-2017 को इस मामले को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के आदेश तहसीलदार को दिए थे लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। समिति का कहना है कि अगर उन्हें यह जानकारी मिल जाती है तो वह रिकॉर्ड को दुरुस्त करवार कर लोगों की समस्याओं का हल करवा देंगे लेकिन अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी उन्हें मुहैया नहीं करवा रहे हैं जिससे लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है।
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बिलासपुर। जिला राजस्व अधिकारी ने एनएचएआई के भू-अर्जन अधिकारी को शिकायत का जवाब न देने पर रिमाइंडर जारी कर दिया है। रिमाइंडर में राजस्व अधिकारी ने बिना समय निर्धारित किए ही भू-अर्जन अधिकारी को शिकायत का जवाब देने को कहा है। जबकि इससे पहले भी भू-अर्जन अधिकारी को दो बार पत्र भेजकर शिकायत का जवाब मांगा जा चुका है लेकिन अभी तक उनकी तरफ से फोरलेन समिति की शिकायत का कोई भी जवाब नहीं आया है।
गौरतलब है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में अधिग्रहित की गई भूमि व शेष बची भूमि का राजस्व रिकॉर्ड हलके किस्म के कागज पर स्कैन किया जिससे स्याही फैल जाने से ततीमा जात में दर्ज करूकान पढ़ने योग्य नहीं रहे। इसकी रिपोर्ट आरटीआई के माध्यम से पटवारी हल्कों की ओर से प्राप्त हुई।
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पटवारियों की ओर से दी गई इस रिपोर्ट पर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मुख्य सचिव को 2017 में पत्र लिखा था जिसके बाद उपायुक्त बिलासपुर को भी इस संबंध में अवगत करवाया था। इसकी जांच पुलिस विभाग द्वारा की गई थी लेकिन अभी तक दो साल बीत जाने पर भी इस शिकायत का कोई निपटारा नहीं किया गया। जबकि इस विषय पर भू-अधिग्रहण की विशेष इकाई के तहसीलदार को मदवार जवाब देने के आदेश जारी किए थे। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि जिसकी पुष्टि आरटीआई के माध्यम से भू-अर्जन अधिकारी की ओर से की गई नोटिग शीट से हुई है।
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20-7-2017 को इस मामले को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के आदेश तहसीलदार को दिए थे लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। समिति का कहना है कि अगर उन्हें यह जानकारी मिल जाती है तो वह रिकॉर्ड को दुरुस्त करवार कर लोगों की समस्याओं का हल करवा देंगे लेकिन अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी उन्हें मुहैया नहीं करवा रहे हैं जिससे लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है।