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धुंध के आगोश में बिलासपुर, बढ़ी ठंड
Updated Thu, 29 Nov 2018 09:31 PM IST
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धुंध के आगोश में बिलासपुर
बीमारियों ने जकड़े बच्चे-बुजुर्ग
अस्पतालों में बढ़े जुकाम और खांसी में मरीज, बुजुर्गों में सांस की बिमारी की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। गोबिंदसागर झील के किनारे स्थित बिलासपुर शहर धुंध की आगोश में आ गया है। इस कारण दिन-प्रतिदिन ठंड बढ़ती जा रही है। बारिश न होने से कोहरा पड़ना शुरू हो गया है, इस कारण सुबह-शाम लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, शुष्क ठंड के कारण लोगों में जुकाम और खांसी सहित सांस की बीमारी का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इसकी चपेट में अधिकतर छोटे बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज हो रही है और पूरा बिलासपुर सूखी ठंड की चपेट में है। वीरवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में जुकाम और खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। रोजाना बच्चों की 30 से 40 ओपीडी दर्ज की जा रही है। वहीं, बुजुर्गों को सांस की बीमारी यानी दमे की शिकायत हो रही है। क्योंकि धुंध और ठंड में चलने से यह बीमारी बुजुर्गों को चपेट में ले लेती है। ठंड से स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और कॉलेज के विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई लोग सुबह और शाम दोपहिया वाहन पर सफर करते हैं, उन्हें भी सर्दी, जुकाम, दमा, खांसी और बुखार की बीमारी घेर लेती है। डॉक्टर भी लोगों को धुंध में घरों से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं।
ठंड से बचने के लिए अंगीठियों का सहारा
लोगों ने ठंड से बचने के लिए अंगीठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। दुकानदार सुबह-सुबह दुकानों के बाहर आग जलाकर ठंड से बचते हैं। सूर्य देव के दर्शन भी काफी देर से हो रहे हैं, जिससे ठंड अधिक होती जा रही है। हालांकि, शहर के साथ लगते इलाकों में धूप जल्द आ जाती है, लेकिन शहर में धूप 10-11 बजे के बाद ही आती है।
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-इन दिनों ठंड लगातार बढ़ रही है। सुबह-सुबह सैर पर जाना और दोपहिया वाहन का सफर नुकसान कर सकता है। जितना अधिक हो सके, ठंड में शरीर को ढांप कर रखें
-डॉ. राजेश आहलूवालिया, चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर
ठंड से ठप हुआ कारोबार
ऑटो यूनियन के चालकों का कहना है कि ठंड ज्यादा होने के चलते उनका कारोबार भी ठप हो गया है। ठंड के चलते लोग अपने घरों से कम निकल रहे हैं। इसके चलते उनके ऑटो भी नहीं चल रहे हैं। बुधवार दिन को ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इस कारण शहर पूरा दिन कोहरे की चपेट में था।
व्यापारियों का भी काम हुआ मंदा
वहीं बिलासपुर के व्यापारियों का कहना है कि शाम के समय ज्यादा ठंड बढ़ने से कारोबार पर भी असर पड़ गया है। शाम के समय बाजार में चहल पहल नाममात्र की रह गई है। सुबह के समय भी दुकानदार दुकानें देरी से खोल रहे हैं। धुंध का प्रकोप ज्यादा होने से दुकानें भी देरी से खुल रही हैं। दुकानदारों का मानना है कि अगर ठंड का प्रकोप इसी तरी बढ़ता रहा तो काम मंदा पड़ जाएगा। इनसेट...
वाहन चलाना भी हुआ मुश्किल
सुबह के समय बिलासपुर में पड़ रही धुंध से वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। धुंध में विजिविलिटी कम होने के चलते वाहनों की रफ्तार भी कम हो गई है। वहीं, बिलासपुर के एसपी अशोक कुमार ने भी वाहन चालकों को धुंध में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने का आहवान किया है। वाहन चालक अपने वाहन के भी इंडिकेटर ऑन कर वाहन चलाए, जहां पर सड़क दिखाई न दे, वहां पर वाहन खड़ा कर दें, ताकि किसी हादसे से बच सकें।
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बीमारियों ने जकड़े बच्चे-बुजुर्ग
अस्पतालों में बढ़े जुकाम और खांसी में मरीज, बुजुर्गों में सांस की बिमारी की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। गोबिंदसागर झील के किनारे स्थित बिलासपुर शहर धुंध की आगोश में आ गया है। इस कारण दिन-प्रतिदिन ठंड बढ़ती जा रही है। बारिश न होने से कोहरा पड़ना शुरू हो गया है, इस कारण सुबह-शाम लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, शुष्क ठंड के कारण लोगों में जुकाम और खांसी सहित सांस की बीमारी का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इसकी चपेट में अधिकतर छोटे बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज हो रही है और पूरा बिलासपुर सूखी ठंड की चपेट में है। वीरवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में जुकाम और खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। रोजाना बच्चों की 30 से 40 ओपीडी दर्ज की जा रही है। वहीं, बुजुर्गों को सांस की बीमारी यानी दमे की शिकायत हो रही है। क्योंकि धुंध और ठंड में चलने से यह बीमारी बुजुर्गों को चपेट में ले लेती है। ठंड से स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और कॉलेज के विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई लोग सुबह और शाम दोपहिया वाहन पर सफर करते हैं, उन्हें भी सर्दी, जुकाम, दमा, खांसी और बुखार की बीमारी घेर लेती है। डॉक्टर भी लोगों को धुंध में घरों से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं।
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ठंड से बचने के लिए अंगीठियों का सहारा
लोगों ने ठंड से बचने के लिए अंगीठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। दुकानदार सुबह-सुबह दुकानों के बाहर आग जलाकर ठंड से बचते हैं। सूर्य देव के दर्शन भी काफी देर से हो रहे हैं, जिससे ठंड अधिक होती जा रही है। हालांकि, शहर के साथ लगते इलाकों में धूप जल्द आ जाती है, लेकिन शहर में धूप 10-11 बजे के बाद ही आती है।
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-इन दिनों ठंड लगातार बढ़ रही है। सुबह-सुबह सैर पर जाना और दोपहिया वाहन का सफर नुकसान कर सकता है। जितना अधिक हो सके, ठंड में शरीर को ढांप कर रखें
-डॉ. राजेश आहलूवालिया, चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर
ठंड से ठप हुआ कारोबार
ऑटो यूनियन के चालकों का कहना है कि ठंड ज्यादा होने के चलते उनका कारोबार भी ठप हो गया है। ठंड के चलते लोग अपने घरों से कम निकल रहे हैं। इसके चलते उनके ऑटो भी नहीं चल रहे हैं। बुधवार दिन को ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इस कारण शहर पूरा दिन कोहरे की चपेट में था।
व्यापारियों का भी काम हुआ मंदा
वहीं बिलासपुर के व्यापारियों का कहना है कि शाम के समय ज्यादा ठंड बढ़ने से कारोबार पर भी असर पड़ गया है। शाम के समय बाजार में चहल पहल नाममात्र की रह गई है। सुबह के समय भी दुकानदार दुकानें देरी से खोल रहे हैं। धुंध का प्रकोप ज्यादा होने से दुकानें भी देरी से खुल रही हैं। दुकानदारों का मानना है कि अगर ठंड का प्रकोप इसी तरी बढ़ता रहा तो काम मंदा पड़ जाएगा। इनसेट...
वाहन चलाना भी हुआ मुश्किल
सुबह के समय बिलासपुर में पड़ रही धुंध से वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। धुंध में विजिविलिटी कम होने के चलते वाहनों की रफ्तार भी कम हो गई है। वहीं, बिलासपुर के एसपी अशोक कुमार ने भी वाहन चालकों को धुंध में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने का आहवान किया है। वाहन चालक अपने वाहन के भी इंडिकेटर ऑन कर वाहन चलाए, जहां पर सड़क दिखाई न दे, वहां पर वाहन खड़ा कर दें, ताकि किसी हादसे से बच सकें।