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डेंगू से हुई मौत के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोग सहमे
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। पीजीआई ले जाते समय मंडी के डैहर निवासी की डेंगू से हुई मौत मामले में प्रभावित क्षेत्र के लोग सहम उठे हैं। अब डेंगू से पीड़ित मरीजों को उनके परिजन निजी अस्पतालों की ओर ले जाने को विवश हो गए हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से उनके घर के सदस्य की मौत हुई है।
इसके अलावा अब लोगों ने भी घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है। डेंगू से हुई पहली मौत के बाद अब लोग घरों से बाहर निकलने में भी परहेज करने लगे हैं, कब न जाने डेंगू का मच्छर काट ले। इस समय पूरे बिलासपुर शहर के अलावा जिला के अन्य जगहों में भी डेंगू के मच्छर भिनभिना रहे हैं। लोगों के मन में अब भय सा बैठ गया है कि डेंगू वायरस ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। वहीं, प्रभावित क्षेत्र के कुछ डेंगू से ग्रसित मरीजों को उनके तीमारदार निजी अस्पतालों में जांच के लिए ले जा रहे हैं। वहीं डैहर में अब तक तीन दर्जन से अधिक डेंगू के मामले सामने आ गए हैं।
बिलासपुर में आउट ऑफ कंट्रोल हुए डेंगू के वायरस का मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है क्योंकि विभाग को जब कसरत करनी चाहिए थी तब वह कुंभकर्णी नींद सोया रहा और अब जुर्माना करना व फोगिंग करवाने का क्या फायदा। बिलासपुर में स्थिति से बाहर हुए डेंगू वायरस को रोकने के लिए पुडूचेरी, दिल्ली, कांगड़ा व शिमला तक की टीमें प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। टीम के साथ आए विशेषज्ञों का कहना है कि यहां पर फैला डेंगू वायरस यहां पर पसरी गंदगी है क्योंकि यहां पर पसरी गंदगी के कारण डेंगू का लारवा पैदा हो रहा है, जिससे आए दिन सैकड़ों डेंगू के मच्छर पैदा होते जा रहे हैं। आज 540 के लगभग मामले डेंगू के पहुंच गए हैं। वहीं, जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संदर्भ में बात की जाती है तो उनका कहना होता है कि वह प्रभावित एरिया में फोगिंग कर रहे हैं। इस दौरान अगर विभाग फोगिंग कर रहा है तो फिर क्यों आए दिन 10 से 20 अधिक मामले डेंगू के सामने आ रहे हैं।
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वहीं एमओएच डॉ. परविंद्र सिंह का कहना है कि विभाग प्रभावित क्षेत्र में लगातार फोगिंग करवा रहा है। बरसात के मौसम के चलते डेंगू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
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बिलासपुर। पीजीआई ले जाते समय मंडी के डैहर निवासी की डेंगू से हुई मौत मामले में प्रभावित क्षेत्र के लोग सहम उठे हैं। अब डेंगू से पीड़ित मरीजों को उनके परिजन निजी अस्पतालों की ओर ले जाने को विवश हो गए हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से उनके घर के सदस्य की मौत हुई है।
इसके अलावा अब लोगों ने भी घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है। डेंगू से हुई पहली मौत के बाद अब लोग घरों से बाहर निकलने में भी परहेज करने लगे हैं, कब न जाने डेंगू का मच्छर काट ले। इस समय पूरे बिलासपुर शहर के अलावा जिला के अन्य जगहों में भी डेंगू के मच्छर भिनभिना रहे हैं। लोगों के मन में अब भय सा बैठ गया है कि डेंगू वायरस ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। वहीं, प्रभावित क्षेत्र के कुछ डेंगू से ग्रसित मरीजों को उनके तीमारदार निजी अस्पतालों में जांच के लिए ले जा रहे हैं। वहीं डैहर में अब तक तीन दर्जन से अधिक डेंगू के मामले सामने आ गए हैं।
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बिलासपुर में आउट ऑफ कंट्रोल हुए डेंगू के वायरस का मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है क्योंकि विभाग को जब कसरत करनी चाहिए थी तब वह कुंभकर्णी नींद सोया रहा और अब जुर्माना करना व फोगिंग करवाने का क्या फायदा। बिलासपुर में स्थिति से बाहर हुए डेंगू वायरस को रोकने के लिए पुडूचेरी, दिल्ली, कांगड़ा व शिमला तक की टीमें प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। टीम के साथ आए विशेषज्ञों का कहना है कि यहां पर फैला डेंगू वायरस यहां पर पसरी गंदगी है क्योंकि यहां पर पसरी गंदगी के कारण डेंगू का लारवा पैदा हो रहा है, जिससे आए दिन सैकड़ों डेंगू के मच्छर पैदा होते जा रहे हैं। आज 540 के लगभग मामले डेंगू के पहुंच गए हैं। वहीं, जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संदर्भ में बात की जाती है तो उनका कहना होता है कि वह प्रभावित एरिया में फोगिंग कर रहे हैं। इस दौरान अगर विभाग फोगिंग कर रहा है तो फिर क्यों आए दिन 10 से 20 अधिक मामले डेंगू के सामने आ रहे हैं।
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वहीं एमओएच डॉ. परविंद्र सिंह का कहना है कि विभाग प्रभावित क्षेत्र में लगातार फोगिंग करवा रहा है। बरसात के मौसम के चलते डेंगू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।