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बिलासपुर में टू टाइप का डेंगू वायरस
Updated Thu, 04 Oct 2018 09:52 PM IST
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बिलासपुर में फैला डेंगू वायरस टू-टाइप का
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट में खुलासा
डेंगू पर लगाम लगाने में विभाग के हर प्रयास हुए नाकामयाब
अमर उजाला एक्सलूसिव..................
शुभम राही
बिलासपुर। बिलासपुर में फैला डेंगू भविष्य में घातक सिद्ध होने वाला है। क्योंकि यहां पर फैला डेंगू वायरस टू-टाइप का है। इस बात का खुलासा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट में हुआ है। वहीं, इन वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस वायरस को रोकने के लिए अभी से ही अपने आसपास पूर्ण रूप से सफाई रखना शुरू कर दें अन्यथा अगले साल यह डेंगू लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बता दें कि बिलासपुर में फैले डेंगू वायरस पर रिसर्च करने के लिए पुणे से वैज्ञानिक यहां पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रभावित एरिया से डेंगू के लारवे को जांच के तौर पर लिया था। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग के पास वैज्ञानिकों ने सारी रिपोर्ट दे दी है और जल्द से जल्द इसे रोकने के लिए गाइडलाइन भी जारी की है।
गौर हो कि बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर वन टाइप के डेंगू होने की बातें लंबे समय से कर लोगों को गुमराह कर रहा है, लेकिन पुणे की रिपोर्ट ने तो कुछ और ही तस्वीर सामने लाकर खड़ी कर दी है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग अब टू-टाइप के डेंगू पर क्या कसरत करता है। वहीं, वीरवार की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 1582 डेंगू मरीजों का आंकड़ा पहुंच गया है। जिनमें से अधिकतर लोग ठीक भी हो गए हैं, लेकिन आने वाले अगले साल यही डेंगू जानलेवा सहित आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हो जाएगी।
इनसेट...
चार टाइप के होते हैं डेंगू वायरस
वैज्ञानिकों की मानें तो टू-टाइप का डेंगू का वायरस घातक होता है। इसमें भी लोगों की जान जाने का खतरा बना रहता है, लेकिन अगर वायरस तीन और चार टाइप में पहुंच जाए तो पीड़ित की मौत की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है।
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आशा वर्कर्स को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को आशा वर्कर्स को टू-टाइप के डेंगू की विशेष ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में वर्कर्स को डेंगू के लारवे की पहचान और अन्य जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि वे अब उसी हिसाब से कार्य करें।
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट आ गई है। बिलासपुर में फैला डेंगू टू-टाइप का है। विभाग आशा वर्कर्स को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग भी दे रहा है।
-डॉ. परविंरद सिंह एमओएच बिलासपुर
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट में खुलासा
डेंगू पर लगाम लगाने में विभाग के हर प्रयास हुए नाकामयाब
अमर उजाला एक्सलूसिव..................
शुभम राही
बिलासपुर। बिलासपुर में फैला डेंगू भविष्य में घातक सिद्ध होने वाला है। क्योंकि यहां पर फैला डेंगू वायरस टू-टाइप का है। इस बात का खुलासा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट में हुआ है। वहीं, इन वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस वायरस को रोकने के लिए अभी से ही अपने आसपास पूर्ण रूप से सफाई रखना शुरू कर दें अन्यथा अगले साल यह डेंगू लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बता दें कि बिलासपुर में फैले डेंगू वायरस पर रिसर्च करने के लिए पुणे से वैज्ञानिक यहां पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रभावित एरिया से डेंगू के लारवे को जांच के तौर पर लिया था। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग के पास वैज्ञानिकों ने सारी रिपोर्ट दे दी है और जल्द से जल्द इसे रोकने के लिए गाइडलाइन भी जारी की है।
गौर हो कि बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर वन टाइप के डेंगू होने की बातें लंबे समय से कर लोगों को गुमराह कर रहा है, लेकिन पुणे की रिपोर्ट ने तो कुछ और ही तस्वीर सामने लाकर खड़ी कर दी है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग अब टू-टाइप के डेंगू पर क्या कसरत करता है। वहीं, वीरवार की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 1582 डेंगू मरीजों का आंकड़ा पहुंच गया है। जिनमें से अधिकतर लोग ठीक भी हो गए हैं, लेकिन आने वाले अगले साल यही डेंगू जानलेवा सहित आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हो जाएगी।
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चार टाइप के होते हैं डेंगू वायरस
वैज्ञानिकों की मानें तो टू-टाइप का डेंगू का वायरस घातक होता है। इसमें भी लोगों की जान जाने का खतरा बना रहता है, लेकिन अगर वायरस तीन और चार टाइप में पहुंच जाए तो पीड़ित की मौत की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है।
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आशा वर्कर्स को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को आशा वर्कर्स को टू-टाइप के डेंगू की विशेष ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में वर्कर्स को डेंगू के लारवे की पहचान और अन्य जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि वे अब उसी हिसाब से कार्य करें।
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरसलॉजी पुणे की रिपोर्ट आ गई है। बिलासपुर में फैला डेंगू टू-टाइप का है। विभाग आशा वर्कर्स को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग भी दे रहा है।
-डॉ. परविंरद सिंह एमओएच बिलासपुर