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जिले की चार खड्डों की हुई नीलामी, औपचारिकताएं की जा रही पूरी

Tue, 11 Dec 2018 10:57 PM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:57 PM IST
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जिले की चार खड्डों की हुई नीलामी, औपचारिकताएं की जा रही पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर। सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला विधानसभा सत्र के दौरान बिलासपुर के हित के लिए उन्होंने तारांकित प्रश्न रखा कि बिलासपुर में सरकार द्वारा जिन खड्डों की बोली औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत नीलामी की गई हैं, क्या उनसे राजस्व आना आरंभ हो गया है। बोलीदाताओं ने कितनी खड्डों में कार्य करना आरंभ कर दिया है तथा नीलाम की गई खड्डों के लिए कितने एमफार्म जारी किए गए हैं। यदि नहीं तो कारण और नीलाम की गई खड्डों से जो अवैध खनन व रेता बजरी तथा पत्थर की चोरी हो रही है उससे बोलीदाता को घाटा हो रहा है, इसको रोकने के लिए सरकार क्या पग उठा रही है।
इस तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए उद्योग, श्रम एवं रोजगार, तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि जिला बिलासपुर में सरकार द्वारा 4 चार खड्डों की नीलामी की गई है। जरेरी-1, सीर खड्ड-2 जरेरी-2, सीर खड्ड-3 री, सीर खड्ड व 4 देहलवीं, सीर खड्ड। इन खड्डों की नीलामी के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसलिए अभी राजस्व आना आरंभ नहीं हुआ है और न ही बोलीदाताओं द्वारा अभी कार्य शुरू किया गया है।
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इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में अन्य तारांकित प्रश्न रखा जिसमें उन्होंने एसीसी कंपनी की स्थापना के समय कितने परिवार विस्थापित हुए तथा कितने परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया और 15 नवंबर, 2018 तक सेवा के दौरान कितने लोगों की मृत्यु हुई व कितने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारों को तथा मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को एसीसी प्रबंधन द्वारा रोजगार प्रदान किया गया।
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तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए उद्योग, श्रम एवं रोजगार, तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री विक्रम सिंह ने बताया कि एसीसी कंपनी की स्थापना के समय 476 परिवार विस्थापित हुए हैं तथा 390 विस्थापित परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। 15 नवंबर, 2018 तक सेवा के दौरान कुल 58 कर्मचारियों की मृत्यु हुई तथा मृतक कर्मचारियों के 14 आश्रितों को कंपनी की ओर से रोजगार उपलब्ध करवाया गया। 15 नवंबर, 2018 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के 34 आश्रितों को कंपनी द्वारा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार उपलब्ध करवाया गया।
 
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