{"_id":"5bfadcffbdec2241c7692173","slug":"171543167231-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्री-नर्सरी ने बंद करवाए 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्री-नर्सरी ने बंद करवाए 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई प्री-नर्सरी कक्षाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों का अस्तित्व खतरे में डाल दिया है। प्री-नर्सरी कक्षाओं के कारण बिलासपुर सदर के 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए हैं। इन केंद्रों में बच्चे न होने के चलते यह केंद्र पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसके कारण यहां पर कार्य कर रही महिलाओं के रोजगार को भी एक बड़ा झटका लगा है। वहीं, इस संदर्भ में केंद्रों में कार्य कर रही महिलाओं ने भी प्रदेश सरकार की इस योजना पर आपत्ति जाहिर की है और कहा है कि प्री-नर्सरी कक्षाओं के कारण उनके रोजगार भी खत्म हो गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर जिला में 1111 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें से अभी तक 155 केंद्र बंद हो गए हैं और अधिकारियों की मानें तो कुछ केंद्र और बंद होने की कगार पर हैं। गौर हो कि सरकार का प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का है लेकिन इन अच्छे प्रयास के कारण केंद्रों का बंद होना भी आने वाले भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि अध्यापकों ने अपने ऊपर से आपत्ति को हटाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से ही बच्चों को अपने स्कूलों में प्री-नर्सरी में दाखिला दिलवा दिया। जबकि प्री-नर्सरी की कक्षाएं शुरू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस से छुटकारा दिलवाना था लेकिन जिस तरह अध्यापकों ने आंगनबाड़ी केंद्रों से ही छोटे बच्चों को अपने स्कूलों में प्री-नर्सरी में दाखिला दिलवा दिया है, उससे आने वाले समय में और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
--------
अभी और आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की कगार पर
प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से सदर की 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए हैं। अभी और भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की कगार में है।
.....नीलम टाडू, सीडीपीओ, सदर बिलासपुर
--
विज्ञापन
बिलासपुर। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई प्री-नर्सरी कक्षाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों का अस्तित्व खतरे में डाल दिया है। प्री-नर्सरी कक्षाओं के कारण बिलासपुर सदर के 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए हैं। इन केंद्रों में बच्चे न होने के चलते यह केंद्र पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसके कारण यहां पर कार्य कर रही महिलाओं के रोजगार को भी एक बड़ा झटका लगा है। वहीं, इस संदर्भ में केंद्रों में कार्य कर रही महिलाओं ने भी प्रदेश सरकार की इस योजना पर आपत्ति जाहिर की है और कहा है कि प्री-नर्सरी कक्षाओं के कारण उनके रोजगार भी खत्म हो गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर जिला में 1111 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें से अभी तक 155 केंद्र बंद हो गए हैं और अधिकारियों की मानें तो कुछ केंद्र और बंद होने की कगार पर हैं। गौर हो कि सरकार का प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का है लेकिन इन अच्छे प्रयास के कारण केंद्रों का बंद होना भी आने वाले भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
विज्ञापन
वहीं अधिकारियों का कहना है कि अध्यापकों ने अपने ऊपर से आपत्ति को हटाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से ही बच्चों को अपने स्कूलों में प्री-नर्सरी में दाखिला दिलवा दिया। जबकि प्री-नर्सरी की कक्षाएं शुरू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस से छुटकारा दिलवाना था लेकिन जिस तरह अध्यापकों ने आंगनबाड़ी केंद्रों से ही छोटे बच्चों को अपने स्कूलों में प्री-नर्सरी में दाखिला दिलवा दिया है, उससे आने वाले समय में और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
--------
अभी और आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की कगार पर
प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से सदर की 155 आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए हैं। अभी और भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की कगार में है।
.....नीलम टाडू, सीडीपीओ, सदर बिलासपुर
--