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अब अपनी ही बात से बदल गया अब वन विभाग

Tue, 12 Mar 2019 10:34 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Tue, 12 Mar 2019 10:34 PM IST
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अब अपनी ही बात से बदल गया अब वन विभाग
रितेश गुलेरिया
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण मामले में एक के बाद एक फर्जीवाडे़ सामने आ रहे है। रोड अलाइनमेंट बदलाव मामले की जांच के लिए जिस कमेटी की बात की जा रही है वास्तव में वह कमेटी है ही नहीं। पूर्व में डीएफओ ने एक पत्र लिख कर उपायुक्त से रोड अलाइनमेंट में हुए बदलाव की जांच में सहयोग के लिए राजस्व व भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई बिलासपुर और एनएचएआई से मदद की मांग की थी।
इस बारे में सभी संबंधित विभाग को भी प्रार्थना पत्र की छाया कॉपी भेजी गई जिसके बाद भूमि अधिग्रहण कमेटी के तहसीलदार ने एक पत्र जारी कर कमेटी का गठन करने की बात कही। वहीं बाद में वन विभाग ने भी अपने कार्यालय की पत्र संख्या डी-बीएलपी/एनएचएआई(वीओएस-2) दिनांक 25-11-2018 में कहा है कि कमेटी ने जांच के दौरान निर्माण कार्य में कई खामियां पाई है लेकिन अब वन विभाग ने एक और पत्र जारी कर कहा कि इस संबंध में कोई जांच कमेटी बनाई ही नहीं गई है। ऐसे में सवाल है कि जो कुछ एक अधिकारी मौके पर गए वह किस के आदेश से गए? वन विभाग ने पूर्व में दी रिपोर्ट में किस कमेटी का फिर जिक्र किया था? यह सवाल अपने आप में मिली भगत के संकेत से भी इनकार नहीं करते हैं।
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उल्लेखनीय है कि बिना अध्यक्ष बाली कमेटी की जो रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई है जिसमें वन विभाग, राजस्व और एनएचएआई के अधिकारी शामिल हैं वह फिर किस के आदेश पर मौके पर गए। अगर कमेटी बनी थी जो उसका अध्यक्ष कौन था? वन विभाग के अधिकारी किसके आदेश से मौके पर गए और क्यों गए? यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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डीएफओ सरोज भाई पटेल ने 11 मार्च को अपने कार्यालय के पत्र संख्या नंबर 13445 में कहा है कि इस प्रकार की कोई कमेटी नहीं बनाई थी।
इनसेट...
मामले की जांच कर दोषियों पर की जाए कार्रवाई
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा, उपप्रधान राकेश कुमार, चिंता देवी, बलदेव शर्मा, सीता राम, जगत राम, सुभाष चंद, श्रवण कुमार, जगदीश राम आदि ने बताया कि वन विभाग पहले कहता है कि कमेटी की रिपोर्ट में जांच में खामियां पाई गई हैं। अब वन विभाग कहता है कि कमेटी बनी ही नहीं है। उक्त लोगों ने इस संबंध में मांग की है कि वन विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।
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