{"_id":"5d2226b08ebc3e6cdd4a8ad2","slug":"156251919017-bilaspur-news187","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीरतपुर-नेरचौक सड़क एक, प्लान और पैमाना अलग-अलग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कीरतपुर-नेरचौक सड़क एक, प्लान और पैमाना अलग-अलग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बिलासपुर। वैसे तो कीरतपुर से नेरचौक तक एक ही सड़क तैयार हो रही है, लेकिन एक ही सड़क का प्लान व पैमाना अलग-अलग तैयार किया गया है। इस फोरलेन निर्माण में हुए भूमि अधिग्रहण में एनएचएआई का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है जिसमें गारा से पट्टा तक एनएचएआई ने अलग प्लान बनाया है तो पड्गल से नागचला तक अलग प्लान तैयार किया है। वहीं दो पैमाना लगा करके जमीनों पर कब्जा कर लिया है जिससे लोग हैरत में पड़ गए हैं।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान राकेश कुमार, महासचिव मदनलाल, कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार का कहना है कि उक्त परियोजना में एनएचएआई ने दो भूमि अधिग्रहण प्लान बनाने का ड्रामा रचा है जिसमें मौजा गारा से मौजा पट्टा तक के भूमि अधिग्रहण प्लान में नियमानुसार करुकान मीटर कान दर्ज है, जबकि दूसरे भूमि अधिग्रहण प्लान में जो पडग़ल से नागचला तक बनाया गया है। बिना करुकान मीटर कान दर्ज के तैयार किया गया है। इसकी पुष्टि तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के कार्यालय का मुआयना करने के बाद की है।
विज्ञापन
वहीं दोनों भूमि अधिग्रहण प्लान में लगाए गए पैमाने से उपरोक्त प्लानों की अलग-अलग चौड़ाई की भी पुष्टि हुई है, मौजा गारा से मौजा पट्टा तक की चौड़ाई भूमि अधिग्रहण प्लान में अंकित स्केल 1:2160 के अनुसार 30 करम चौड़ाई की पुष्टि होती है। इसके अनुसार यह चौड़ाई 30 गुणा 4.5-135 फुट यानि 41 मीटर के लगभग चौड़ाई बनती है। वहीं मौजा पड्गल से नेरचौक तक तैयार किए भूमि अधिग्रहण प्लान में अंकित स्केल 1:2160, 1इंच-40करम अंकित है लेकिन इस प्लान में पैमाना 22करम ही लग रहा है।
विज्ञापन
इसके अनुसार इस सड़क की चौड़ाई 22गुणा 4.5-99फुट यानि 30 मीटर बनती है लेकिन भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के तहसीलदार ने सड़क निर्माण कर रही कंपनी को 45 मीटर से ऊपर जबरन सड़क निर्माण कर रही कंपनी को जमीन के कब्जे करवाए और लोगों के जबरन मकानों को गिरा कर बेघर कर दिया।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने दोनों प्लानों को संलग्न कर उपायुक्त जिला बिलासपुर को शिकायत कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। दोनों प्लानों में राजस्व विशेषज्ञ से पैमाना लगवाकर नियमानुसार पुष्टि करवाई जाए कि इन भूमि अधिग्रहण प्लान में कितना पैमाना लग रहा है और भूमि अधिग्रहण में कितना अंकित है तथा मौके पर कितनी चौड़ाई ली गई है।