{"_id":"5d18f5898ebc3e3c7239adea","slug":"156191678716-bilaspur-news73","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध पशु चराने वालों के खिलाफ किसान लामबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध पशु चराने वालों के खिलाफ किसान लामबंद
विज्ञापन
cow
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बम्म (बिलासपुर)। भारतीय किसान संघ के बैनर तले बम्म के किसानों की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें निर्णय लिया गया कि बम्म रोपा में उनकी जमीनों में अवैध पशु चराने वालों के खिलाफ सख्ती के निपटा जाएगा। इसमें कानूनी और परंपरागत तरीकों से भी बिगडै़ल पशुपालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अनंत राम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। विद्यासागर, लश्करी, अमरनाथ, कालीदास, नंदलाल, शोभराज, मदन, नीरज, चमन रामदास, अरुण, प्रकाश, शेरू राम सहित दो दर्जन अन्य किसानों का आरोप था कि जिन लोगों की बम्म रोपा में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदारी नहीं है वह अपने पालतू पशुओं को अवैध तरीके से हमारी जमीनों में चरा रहे हैं जिससे उनको नुकसान झेलना पड़ रहा है। बिगडै़ल पशुपालक उनके खेतों में पशु चराकर घास बर्बाद करवा रहे हैं जिनकी आड़ में बाहरी लोग भी रोपा में बेसहारा गोवंश को भी छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
किसानों का कहना है उनकी अपनी जमीन होने के बावजूद उनको अपने पशुओं के लिए प्रतिवर्ष 15 से 20 हजार रुपये के अतिरिक्त चारे और घास का इंतजाम खरीद कर करना पड़ रहा है। यदि इन बिगडै़ल पशु पालकों पर नकेल कसी जाए तो मूल किसानों को अपने पशुओं के चारे के लिए इतनी सिरदर्दी नहीं उठानी पड़ेगी। जबकि किसानों ने पहले रोपा में 2 लाख रुपये बाड़बंदी भी की थी लेकिन शरारती तत्व लोहे के एंगल और कंटीली तारों को भी चुरा कर ले गए गए थे।
विज्ञापन
बता दें कि 1400 बीघा में फैले बम्म रोपा की भूमि बहुत ही उपजाऊ है, जहां परंपरागत तरीकों से किसान खेती करते हैं। बीते कुछ वर्षों से अवैध पशु तस्करों ने बेसहारा पशुओं को छोड़कर बम्म रोपा को पशुओं का अड्डा बना दिया है जिसका नाजायज फायदा कुछ स्थानीय लोग अपने पशुओं को छोड़कर भी उठा रहे हैं। किसानों द्वारा 14 ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है जो तड़के ही अपने पशुओं को रोपा में खुला छोड़ देते हैं और शाम को दूध निकालने के समय वापस ले जाते हैं।
किसानों ने जिला उपायुक्त से भी गुहार लगाई है कि बम्म रोपा में बढ़ रहे गोवंश का तुरंत समाधान निकाला जाए ताकि किसान बची हुई जमीनों की फसल को बचा सकें।
..........................................