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दुश्मन जो भाषा समझता है, उसी में जवाब मिला
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घुमारवीं (बिलासपुर)। पिछले कुछ दिन पहले श्रीनगर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों की शहादत का जिस तरह वायुसेना ने बदला लिया है, उसका पूर्व सैनिकों सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया है। कुछ लोगों ने कहा कि दुश्मन जो भाषा समझते हैं, उसी भाषा में जवाब दिया गया है। युवा पीढ़ी व पूर्व सैनिक वायुसेना की इस कार्रवाई से खुश हैं। गौरतलब है कि आतंकी हमले के बाद जगह-जगह प्रदर्शन व पुतले फूंके जा रहे थे व लोग सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वायुसेना की स्ट्राइक को लेकर लोगों की विभिन्न तरह की प्रतिक्रिया है।
मुख्तियार खां ने कहा कि दुश्मन जो भाषा समझते हैं, उसी भाषा में जवाब दिया गया है। यह सराहनीय कदम है।
पूर्व सैनिक रामलाल ने कहा कि यह तो हमारे नौजवानों द्वारा किया गया महज ट्रेलर है, अगर पाकिस्तान अब भी नहीं सुधरता है तो वह पहले इतिहास को पढ़ ले। देश व सैनिकों को अगर और उकसाएगा तो नामोनिशान मिट जाएगा, यह याद रख लें।
गरजा राम ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री जो बोलता है, वह कर रहा है जो गर्व की बात है। सैनिक देश का गौरव हैं।
प्रदीप गुप्ता ने कहा कि इस देश पर जो भी टेढ़ी नजर रखेगा उसका नामोनिशान मिटा देंगे। जिसमें चाहे सैनिकों की भागीदारी हो, या देश के लोगों को जाना पड़े, कदम अब नहीं रुकेंगे।
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मंजीत ठाकुर ने कहा कि सैनिकों का बलिदान बेकार नहीं जाता है यह बात पाकिस्तान को समझ लेनी चाहिए, अब देश बदल चुका है। पाकिस्तान में जितने सैनिक नहीं होंगे, जितने हमारे युवा देश के लिए मर मिटने को तैयार बैठे हैं। इस बार आर-पार की लड़ाई होगी तो सैनिकों की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा।
मुख्तियार खां ने कहा कि दुश्मन जो भाषा समझते हैं, उसी भाषा में जवाब दिया गया है। यह सराहनीय कदम है।
पूर्व सैनिक रामलाल ने कहा कि यह तो हमारे नौजवानों द्वारा किया गया महज ट्रेलर है, अगर पाकिस्तान अब भी नहीं सुधरता है तो वह पहले इतिहास को पढ़ ले। देश व सैनिकों को अगर और उकसाएगा तो नामोनिशान मिट जाएगा, यह याद रख लें।
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गरजा राम ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री जो बोलता है, वह कर रहा है जो गर्व की बात है। सैनिक देश का गौरव हैं।
प्रदीप गुप्ता ने कहा कि इस देश पर जो भी टेढ़ी नजर रखेगा उसका नामोनिशान मिटा देंगे। जिसमें चाहे सैनिकों की भागीदारी हो, या देश के लोगों को जाना पड़े, कदम अब नहीं रुकेंगे।
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मंजीत ठाकुर ने कहा कि सैनिकों का बलिदान बेकार नहीं जाता है यह बात पाकिस्तान को समझ लेनी चाहिए, अब देश बदल चुका है। पाकिस्तान में जितने सैनिक नहीं होंगे, जितने हमारे युवा देश के लिए मर मिटने को तैयार बैठे हैं। इस बार आर-पार की लड़ाई होगी तो सैनिकों की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा।