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एक गाड़ी पर एक मल्टीएक्सल डालने की उपायुक्त से की मांग
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दढ़ियाल में त्रिवेणी चीनी मिल में खड़े पुलिस की ओर से पकड़े गए खनन लदे ट्रक। अ
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अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी फैक्टरी में बीडीटीएस के असंतोषजनक रवैये को लेकर विस्थापित एवं प्रभावित लामबंद हो गए हैं। विस्थापितों एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटरों ने अपने हक की बात रखते हुए एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल लगाने की मांग उपायुक्त बिलासपुर से की है। मंगलवार को उपायुक्त ने मुलाकात कर उन्होंने मांग की है कि उन्हें एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल लगाने की अनुमति दी जाए। एसीसी बरमाणा विस्थापित एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटर्स समिति के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में सभी ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त बिलासपुर से मिले।
ज्ञापन में ठाकुर ने बताया कि एसीसी ने 1984 में गांव नालग, खतेड़, बरमाणा, भटेड़,
धौणकोठी, बलोह व पंजगाई की हजारों बीघे जमीन अधिग्रहण की थी। एसीसी में सीमेंट व क्लींकर ढुलाई का कार्य बीडीटीएस यूनियन को दिया था। उस समय बहुत सारे विस्थापितों व प्रभावित गाड़ियां नहीं डाल सके और न ही एसीसी की ओर से कोई रोजगार मिल पाया था। 2002 में बीडीटीएस यूनियन ने गाड़ियां डालने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था।
उन्होंने कहा कि बीडीटीएस ने 2011 में सभा में एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल डाले थे, जिसमें विस्थापितों के लिए कई मल्टीएक्सल चल रहे हैं और सभा में विस्थापितों की 203 गाड़ियां चल रहीं हैं।
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उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि उन्हें वर्ष 2011 के बीडीटीएस के निर्णय के अनुसार एक सिंगल एक्सल की जगह एक मल्टीएक्सल डालने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि अंबुजा और जेपी बागा की तर्ज पर मल्टीएक्सल गाड़ियां डालने की प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रभावितों का कहना है कि बीडीटीएस सहकारी सभा ने भी आजतक उन्हें उनके हकों से महरूम रखा है। अगर उनकी समस्या का हल नहीं होता है तो वह आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। इस मौके पर एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटर विपिन बिहारी, शमशेर गौतम, अमर सिंह, कुलदीप ठाकुर, मनदीप ठाकुर व अन्य दर्जनों ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे।
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बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी फैक्टरी में बीडीटीएस के असंतोषजनक रवैये को लेकर विस्थापित एवं प्रभावित लामबंद हो गए हैं। विस्थापितों एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटरों ने अपने हक की बात रखते हुए एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल लगाने की मांग उपायुक्त बिलासपुर से की है। मंगलवार को उपायुक्त ने मुलाकात कर उन्होंने मांग की है कि उन्हें एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल लगाने की अनुमति दी जाए। एसीसी बरमाणा विस्थापित एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटर्स समिति के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में सभी ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त बिलासपुर से मिले।
ज्ञापन में ठाकुर ने बताया कि एसीसी ने 1984 में गांव नालग, खतेड़, बरमाणा, भटेड़,
धौणकोठी, बलोह व पंजगाई की हजारों बीघे जमीन अधिग्रहण की थी। एसीसी में सीमेंट व क्लींकर ढुलाई का कार्य बीडीटीएस यूनियन को दिया था। उस समय बहुत सारे विस्थापितों व प्रभावित गाड़ियां नहीं डाल सके और न ही एसीसी की ओर से कोई रोजगार मिल पाया था। 2002 में बीडीटीएस यूनियन ने गाड़ियां डालने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था।
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उन्होंने कहा कि बीडीटीएस ने 2011 में सभा में एक गाड़ी की जगह एक मल्टीएक्सल डाले थे, जिसमें विस्थापितों के लिए कई मल्टीएक्सल चल रहे हैं और सभा में विस्थापितों की 203 गाड़ियां चल रहीं हैं।
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उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि उन्हें वर्ष 2011 के बीडीटीएस के निर्णय के अनुसार एक सिंगल एक्सल की जगह एक मल्टीएक्सल डालने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि अंबुजा और जेपी बागा की तर्ज पर मल्टीएक्सल गाड़ियां डालने की प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रभावितों का कहना है कि बीडीटीएस सहकारी सभा ने भी आजतक उन्हें उनके हकों से महरूम रखा है। अगर उनकी समस्या का हल नहीं होता है तो वह आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। इस मौके पर एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित ट्रक ऑपरेटर विपिन बिहारी, शमशेर गौतम, अमर सिंह, कुलदीप ठाकुर, मनदीप ठाकुर व अन्य दर्जनों ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे।