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बाल सेविकाओं के लिए बनाई जाए ठोस नीति
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:17 PM IST
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बिलासपुर। हिमाचल शिक्षक महासंघ ने प्रदेश कार्यकारी प्रधान पवन शर्मा गांधी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि लगभग 30 से 35 साल से प्रदेश बाल कल्याण परिषद में कार्यरत बाल सेविकाओं को शिक्षा विभाग में जेबीटी पद पर नियुक्त किया जाए ताकि उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।
पवन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार पीटीए शिक्षकों, पैरा शिक्षकों, कंप्यूटर शिक्षकों, एसएमसी शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए विशेष नीति बनाने जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इन बाल सेविकाओं के लिए भी ठोस नीति बनाई जाए। 30-35 साल के शिक्षक अनुभव को मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक पाठशालाओं में जेबीटी या नर्सरी टीचर्स के रूप में नियुक्त किया जाए। बाल सेविकाओं की प्रारंभ में संख्या 354 थी जो अब घटकर लगभग 60 रह गई है।
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पवन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार पीटीए शिक्षकों, पैरा शिक्षकों, कंप्यूटर शिक्षकों, एसएमसी शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए विशेष नीति बनाने जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इन बाल सेविकाओं के लिए भी ठोस नीति बनाई जाए। 30-35 साल के शिक्षक अनुभव को मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक पाठशालाओं में जेबीटी या नर्सरी टीचर्स के रूप में नियुक्त किया जाए। बाल सेविकाओं की प्रारंभ में संख्या 354 थी जो अब घटकर लगभग 60 रह गई है।
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