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Bilaspur News: दो साल से पेयजल की समस्या से जूझ रहे तमलेड गांव के 15 परिवार
Mon, 10 Feb 2025 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:41 PM IST
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-डीसी, अधिशासी अभियंता से मिलने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
-टैंकर मंगाकर हो रही पानी की आपूर्ति, प्राकृतिक स्रोत भी सूखे
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत मलोखर के गांव तमलेड (मिनश घाटी) गांव में 15 परिवार करीब दो साल से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए यह परिवार उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
इन परिवारों को पानी के लिए पैसे देकर टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। करीब दो साल से गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जल शक्ति विभाग की ओर से हैंडपंप लगाया गया था उसमें मटमैला पानी है जो जो पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा गांव में एक प्राकृतिक स्रोत भी मौजूद था, वह भी पूरी तरह सूख चुका है। यह लोग कई बार जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता से समस्या के समाधान के लिए मिल चुके हैं। जब इनकी समस्या का समाधान न हुआ तो वे गांव की महिला मंडल प्रधान भुवन रेखा की अगुवाई में 22 जनवरी को उपायुक्त बिलासपुर से मिले। इसके बाद 27 जनवरी को समस्या को फिर से जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता के समक्ष रखा, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों में सुंदर लाल, गीता देवी, रमा देवी, संतोष शर्मा और गोदावरी ने बताया कि उनके गांव में प्राकृतिक स्रोत भी सूख चुके हैं और जो हैंड पंप लगाया था उसमें भी पानी नहीं है। जल शक्ति विभाग की किसी भी योजना का पानी इस गांव में नहीं आता है। इस कारण लोगों को टैंकर के माध्यम से पानी मंगवाना पड़ रहा है जिसमें पैसे खर्च हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान समय पर नहीं किया गया तो वे जल शक्ति विभाग के खिलाफ आंदोलन को विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जल शक्ति विभाग की होगी।
उधर, जल शक्ति उपमंडल जुखाला के सहायक अभियंता निशांत कपूर ने बताया कि इस गांव में पानी की समस्या उनके ध्यान में है। इसका जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।
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-टैंकर मंगाकर हो रही पानी की आपूर्ति, प्राकृतिक स्रोत भी सूखे
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत मलोखर के गांव तमलेड (मिनश घाटी) गांव में 15 परिवार करीब दो साल से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए यह परिवार उपायुक्त से भी मिल चुके हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
इन परिवारों को पानी के लिए पैसे देकर टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। करीब दो साल से गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जल शक्ति विभाग की ओर से हैंडपंप लगाया गया था उसमें मटमैला पानी है जो जो पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा गांव में एक प्राकृतिक स्रोत भी मौजूद था, वह भी पूरी तरह सूख चुका है। यह लोग कई बार जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता से समस्या के समाधान के लिए मिल चुके हैं। जब इनकी समस्या का समाधान न हुआ तो वे गांव की महिला मंडल प्रधान भुवन रेखा की अगुवाई में 22 जनवरी को उपायुक्त बिलासपुर से मिले। इसके बाद 27 जनवरी को समस्या को फिर से जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता के समक्ष रखा, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों में सुंदर लाल, गीता देवी, रमा देवी, संतोष शर्मा और गोदावरी ने बताया कि उनके गांव में प्राकृतिक स्रोत भी सूख चुके हैं और जो हैंड पंप लगाया था उसमें भी पानी नहीं है। जल शक्ति विभाग की किसी भी योजना का पानी इस गांव में नहीं आता है। इस कारण लोगों को टैंकर के माध्यम से पानी मंगवाना पड़ रहा है जिसमें पैसे खर्च हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान समय पर नहीं किया गया तो वे जल शक्ति विभाग के खिलाफ आंदोलन को विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जल शक्ति विभाग की होगी।
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उधर, जल शक्ति उपमंडल जुखाला के सहायक अभियंता निशांत कपूर ने बताया कि इस गांव में पानी की समस्या उनके ध्यान में है। इसका जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।
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