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गीला और सूखा कचरा अलग-अलग न सौंपने पर होगा चालान
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कचरे की बढ़ती समस्या को लेकर एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद अब नगर परिषद बिलासपुर ने भी कड़ा रवैया अपना लिया है। नगर परिषद ने साफ कर दिया है कि अब एक अप्रैल के बाद से जो व्यक्ति कचरा उठाने वाले वाहनों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके नहीं सौंपेगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जबकि ऐसे लोगों के चालान भी किए जाएंगे जोकि 500 से 5000 रुपये तक के होंगे।
गौरतलब है कि एनजीटी ने सरकारों को सख्त आदेश जारी किए हैं कि वह प्रदेश में कचरे को लेकर सख्त रवैया अपनाए व पर्यावरण को नुकसान होने से बचाए। अगर सरकारें ऐसा नहीं करती हैं तो उन पर एनजीटी के कानूनों की अवहेलना के तहत जुर्माना लगाया जाएगा जिसको लेकर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को कड़े आदेश जारी करते हुए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2016 को पूरी तरह से लागू करने को कहा है। इसको लेकर बिलासपुर नगर परिषद ने सख्त रवैया अपना लिया है और एक अप्रैल के बाद से नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया का कहना है कि एक अप्रैल से गंदगी फैलाने वाले व कूड़ा वाहनों को अलग-अलग कचरा न देने पर जुर्माना किया जाएगा। जुर्माना 500 से 5000 रुपये तक का हो सकता है।
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इनसेट....
लोगों को जागरूक करने के लिए बनाई स्वच्छता कमेटियां
नगर परिषद बिलासपुर ने शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता कमेटियों का गठन किया गया है जिसमें संबंधित वार्डों की महिलाओं व पार्षदों को जोड़ा गया है। यह कमेटियां घर-घर जाकर लोगों को कचरा अलग-अलग नगर परिषद को सौंपने के लिए जागरूक करेंगी। सभी कमेटियों ने अपना कार्य सुचारु रूप से करना शुरू कर दिया है।
इनसेट...
एमएसडब्ल्यू रुल्स-2016 के तहत कैसे हो सकता है जुर्माना
1. कूड़ा खुले में फेंकने पर।
2. घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करके न सौंपने पर।
3. घर के निर्माण के दौरान निकलने वाले व्यर्थ मलबे को जगह-जगह फेंकने पर।
4. प्लास्टिक के पैकेटों सहित अन्य कचरे को खुले में जलाना।
5. कचरा एकत्रित करने आने वालों को कचरा न देना व खुले में फेंकना।
6. नदी, नालों व पानी के स्रोतों किनारे कचरा फैलाने पर।
7. साफ-सफाई के लिए नगर परिषद का सहयोग न करने पर।
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बिलासपुर। कचरे की बढ़ती समस्या को लेकर एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद अब नगर परिषद बिलासपुर ने भी कड़ा रवैया अपना लिया है। नगर परिषद ने साफ कर दिया है कि अब एक अप्रैल के बाद से जो व्यक्ति कचरा उठाने वाले वाहनों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके नहीं सौंपेगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जबकि ऐसे लोगों के चालान भी किए जाएंगे जोकि 500 से 5000 रुपये तक के होंगे।
गौरतलब है कि एनजीटी ने सरकारों को सख्त आदेश जारी किए हैं कि वह प्रदेश में कचरे को लेकर सख्त रवैया अपनाए व पर्यावरण को नुकसान होने से बचाए। अगर सरकारें ऐसा नहीं करती हैं तो उन पर एनजीटी के कानूनों की अवहेलना के तहत जुर्माना लगाया जाएगा जिसको लेकर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को कड़े आदेश जारी करते हुए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2016 को पूरी तरह से लागू करने को कहा है। इसको लेकर बिलासपुर नगर परिषद ने सख्त रवैया अपना लिया है और एक अप्रैल के बाद से नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
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नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया का कहना है कि एक अप्रैल से गंदगी फैलाने वाले व कूड़ा वाहनों को अलग-अलग कचरा न देने पर जुर्माना किया जाएगा। जुर्माना 500 से 5000 रुपये तक का हो सकता है।
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लोगों को जागरूक करने के लिए बनाई स्वच्छता कमेटियां
नगर परिषद बिलासपुर ने शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता कमेटियों का गठन किया गया है जिसमें संबंधित वार्डों की महिलाओं व पार्षदों को जोड़ा गया है। यह कमेटियां घर-घर जाकर लोगों को कचरा अलग-अलग नगर परिषद को सौंपने के लिए जागरूक करेंगी। सभी कमेटियों ने अपना कार्य सुचारु रूप से करना शुरू कर दिया है।
इनसेट...
एमएसडब्ल्यू रुल्स-2016 के तहत कैसे हो सकता है जुर्माना
1. कूड़ा खुले में फेंकने पर।
2. घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करके न सौंपने पर।
3. घर के निर्माण के दौरान निकलने वाले व्यर्थ मलबे को जगह-जगह फेंकने पर।
4. प्लास्टिक के पैकेटों सहित अन्य कचरे को खुले में जलाना।
5. कचरा एकत्रित करने आने वालों को कचरा न देना व खुले में फेंकना।
6. नदी, नालों व पानी के स्रोतों किनारे कचरा फैलाने पर।
7. साफ-सफाई के लिए नगर परिषद का सहयोग न करने पर।