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एसीसी की ब्लास्टिंग को लेकर उपायुक्त से मिले प्रभावित लोग
Updated Mon, 10 Dec 2018 11:39 PM IST
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एसीसी की ब्लास्टिंग को लेकर उपायुक्त से मिले प्रभावित लोग
बोले, एसीसी कानून और नियमों की परवाह किए बिना कर रहा ब्लास्टिंग
19 को उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष टीम करेगी खनन क्षेत्र का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी सीमेंट कंपनी की ओर से बरमाणा के खनन क्षेत्र में की जा रही ब्लास्टिंग को लेेकर पैदा हुए खतरे, मकानों में आई दरारों व पूना बसाव को लेकर एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के सदस्य व पदाधिकारी उपायुक्त से मिले। सभा ने एक ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि सीसी बरमाणा के खदान क्षेत्र के साथ लगते रिहायशी जगह के लोगों की समस्या व उनके दोबारा बसाव की मांग की है। सभा के अध्यक्ष ने बताया कि समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि 19 दिसंबर को एक टीम खदान क्षेत्र का दौरा करेगी जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं करेंगे।
ज्ञापन में सभा ने कहा है कि 40 साल पहले यहां पर एसीसी सीमेंट कारखाने का निर्माण किया गया और इसके कारण सैकड़ों परिवारों की जमीनें व रिहायशी मकानों का अधिग्रहण किया गया लेकिन आजतक इस क्षेत्र के उजड़ने वाले लोगों को बसाव योजना के तहत दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। 100 से ज्यादा परिवारों को जो बसाव के लिए नौतोड़ प्लॉट आवंटित किए जाने हैं वह मामला भी आजतक लंबित है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि एसीसी बरमाणा का प्रबंधन वर्ग नियमों की परवाह किए बिना अपने खनन क्षेत्र में दिन रात माइनिंग कर रहा है। पिछले एक साल से तो यहां पर लोगों का रहना मुश्किल हो चुका है। जब प्रशासन व सरकार से मामला उठाया तो अतिरिक्त जिलाधीश बिलासपुर के नेतृत्व में कमेटी ने खनन क्षेत्र का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारी ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान, माइनिंग के करीब रिहायशी बस्तियों को खतरा व प्रदूषण जैसे मामलों पर एक रिपोर्ट उपायुक्त बिलासपुर को भी प्रस्तुत की थी, लेकिन उसके बावजूद आजतक इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सारी की सारी समस्या ज्यों की त्यों ही पड़ी हुई है जिसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
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सभा का कहना है कि अगर समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो खनन क्षेत्र के कार्य को बंद करवा दिया जाएगा व आंदोलन होगा जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी।
एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने बताया कि समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने कहा कि वह माइनिंग अधिकारी व पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों के साथ 19 दिसंबर को एसीसी की माइनिंग साइट का निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। ----------------------------
...सरोज पाठक....खेमराज शर्मा।
बोले, एसीसी कानून और नियमों की परवाह किए बिना कर रहा ब्लास्टिंग
19 को उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष टीम करेगी खनन क्षेत्र का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी सीमेंट कंपनी की ओर से बरमाणा के खनन क्षेत्र में की जा रही ब्लास्टिंग को लेेकर पैदा हुए खतरे, मकानों में आई दरारों व पूना बसाव को लेकर एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के सदस्य व पदाधिकारी उपायुक्त से मिले। सभा ने एक ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि सीसी बरमाणा के खदान क्षेत्र के साथ लगते रिहायशी जगह के लोगों की समस्या व उनके दोबारा बसाव की मांग की है। सभा के अध्यक्ष ने बताया कि समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि 19 दिसंबर को एक टीम खदान क्षेत्र का दौरा करेगी जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं करेंगे।
ज्ञापन में सभा ने कहा है कि 40 साल पहले यहां पर एसीसी सीमेंट कारखाने का निर्माण किया गया और इसके कारण सैकड़ों परिवारों की जमीनें व रिहायशी मकानों का अधिग्रहण किया गया लेकिन आजतक इस क्षेत्र के उजड़ने वाले लोगों को बसाव योजना के तहत दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। 100 से ज्यादा परिवारों को जो बसाव के लिए नौतोड़ प्लॉट आवंटित किए जाने हैं वह मामला भी आजतक लंबित है।
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि एसीसी बरमाणा का प्रबंधन वर्ग नियमों की परवाह किए बिना अपने खनन क्षेत्र में दिन रात माइनिंग कर रहा है। पिछले एक साल से तो यहां पर लोगों का रहना मुश्किल हो चुका है। जब प्रशासन व सरकार से मामला उठाया तो अतिरिक्त जिलाधीश बिलासपुर के नेतृत्व में कमेटी ने खनन क्षेत्र का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारी ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान, माइनिंग के करीब रिहायशी बस्तियों को खतरा व प्रदूषण जैसे मामलों पर एक रिपोर्ट उपायुक्त बिलासपुर को भी प्रस्तुत की थी, लेकिन उसके बावजूद आजतक इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सारी की सारी समस्या ज्यों की त्यों ही पड़ी हुई है जिसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
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सभा का कहना है कि अगर समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो खनन क्षेत्र के कार्य को बंद करवा दिया जाएगा व आंदोलन होगा जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी।
एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने बताया कि समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने कहा कि वह माइनिंग अधिकारी व पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों के साथ 19 दिसंबर को एसीसी की माइनिंग साइट का निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। ----------------------------
...सरोज पाठक....खेमराज शर्मा।