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हवन कुंड के पास गले को जंजीरों से बांधने पर भड़के पुजारी

Thu, 02 Aug 2018 12:34 AM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:34 AM IST
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हवन कुंड के पास गले को जंजीरों से बांधने पर भड़के पुजारी
अमर उजाला ब्यूरो
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नयना देवी (बिलासपुर)। मंदिर न्यास ने श्रीनयना देवी मंदिर में बने हवन कुंड पर रातों-रात लोहे के बड़े जंजीरों के साथ बांधकर एक बड़ा गल्ला भी लगा दिया। इससे नयना देवी में आने वाले श्रद्धालुओं को अब भारी ठेस पहुंची है, क्योंकि न्यास ने जंजीरों के साथ-साथ यज्ञ देवता एवं चार वेदों में से दो वेद स्तंभों को भी बांध दिया। यहां तक कि यज्ञ के साथ लगी यज्ञ रक्षक जिसकी विधिवत रोज पूजा होती है उसे भी बांध दिया तथा खंडित भी कर दिया है।
हवन करने वाली उत्तराभिमुख दिशा को भी पूरी तरह से बाधित कर दिया जिससे अब पुजारियों को दक्षिण की ओर मुख करवाकर हवन करवाना पड़ रहा है। न्यास ने बड़ी जंजीरें उस समय लगाई जब रात की शयन आरती हो रही थी। उसके बाद मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। सुबह जब पुजारी लोग अपनी दिनचर्या के अनुसार मंदिर में गए तो हवनकुंड में लगे जंजीरों को देखकर हैरान रह गए। न्यास की इस करनी से पुजारियों के सैकड़ों परिवार के लिए अब रोजी-रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। जंजीरें लगाने के बाद अब हवनकुंड में जगह भी काफी कम हो गई है जिससे अब श्रद्धालुओं का तथा पुजारियों का हवन करवाना व बैठना भी मुश्किल हो रहा है। वर्ष भर में नयना देवी के इस हवन कुंड में लाखों मन सामग्री का हवन होता आया है।
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उधर श्रीनयना देवी ब्राह्मण समाज ने न्यास के इस कृत्य की निंदा की है, क्योंकि नयना देवी के पुजारियों के हिस्सों पर माननीय अदालत ने रोक लगा रखी है तथा छह वर्षों से पुजारियों की रोजी रोटी पर पहले से ही ताला लगा हुआ है। ऐसे में हवनकुंड से भी पुजारियों के साथ न्यास अब धक्का मारने पर तुली हुई है। ऐसे में न्यास ने मंदिर पुजारियों के साथ अन्याय कर टकराव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस संबंध में जब मंदिर अध्यक्ष से बात हुई तो उन्होंने तुरंत लोहे के संगल खुलवा दिए। समाचार लिखे जाने तक मंदिर न्यास के कर्मचारियों ने स्वयं संगलों को खोल दिया तथा श्रद्धालुओं ने श्रद्धा पूर्वक पूजा की।
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उधर एसडीएम नयना देवी अनिल चौहान का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों को आदेश कर गल्ला साइट में रख दिया है व जंजीरों को भी खोल दिया गया है। उन्होंने यहां केवल गल्ला रखने के लिए कहा था।
 
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