{"_id":"640f73100e6a286e8c084e84","slug":"135-sacks-of-government-cement-brought-for-road-construction-got-spoiled-bilaspur-news-c-19-1-87481-2023-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सड़क निर्माण के लिए लाए गए सरकारी सीमेंट की 135 बोरियां हुईं खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सड़क निर्माण के लिए लाए गए सरकारी सीमेंट की 135 बोरियां हुईं खराब
विज्ञापन
घुमारवीं में कंक्रीट सड़क को आए सरकारी सीमेंट के खराब बैग। संवाद
घुमारवीं (बिलासपुर) उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत घुमारवीं में निर्माण कार्यों के लिए आई सरकारी सीमेंट की 135 बोरियां खराब हो गईं। सीमेंट की यह बोरियां तीन महीने पहले आई थीं। इन्हें एक घर के बरामदे में रखा गया है। यह सीमेंट कंक्रीट की 55 मीटर सड़क बनाने के लिए उपयोग होना था। यह सड़क घुमारवीं पंचायत के वार्ड नंबर एक टकरेहड़ा में बननी है।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों से कई बार निर्माण कार्य को शुरू करने का आग्रह किया। लेकिन हर बार आश्वासन दिया गया कि जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन न काम शुरू हुआ न ही यह सीमेंट किसी काम आया। अब जब ग्रामीणों ने इस सीमेंट को देखा तो यह बेकार पत्थर बन गया है। मामला जगजाहिर होते ही पंचायत में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग सतर्क हो गया है और अब जांच करने की तैयारी चल रही है।
वार्ड सदस्य शकुंतला देवी ने कहा कि तीन माह से सीमेंट के 135 बैग बरामदे में रखे थे। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की कोई गलती नहीं है। जिस सप्लायर को अन्य निर्माण सामग्री का आर्डर दिया था, उसने सामग्री नहीं दी। जिस कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया और सीमेंट की बोरियां खराब हो गईं। उधर, एसडीएम घुमारवीं राजीव ठाकुर ने कहा कि सीमेंट को लगाया क्यों नहीं गया। इस बारे में पंचायत प्रधान से जवाब तलब किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों से कई बार निर्माण कार्य को शुरू करने का आग्रह किया। लेकिन हर बार आश्वासन दिया गया कि जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन न काम शुरू हुआ न ही यह सीमेंट किसी काम आया। अब जब ग्रामीणों ने इस सीमेंट को देखा तो यह बेकार पत्थर बन गया है। मामला जगजाहिर होते ही पंचायत में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग सतर्क हो गया है और अब जांच करने की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
वार्ड सदस्य शकुंतला देवी ने कहा कि तीन माह से सीमेंट के 135 बैग बरामदे में रखे थे। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की कोई गलती नहीं है। जिस सप्लायर को अन्य निर्माण सामग्री का आर्डर दिया था, उसने सामग्री नहीं दी। जिस कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया और सीमेंट की बोरियां खराब हो गईं। उधर, एसडीएम घुमारवीं राजीव ठाकुर ने कहा कि सीमेंट को लगाया क्यों नहीं गया। इस बारे में पंचायत प्रधान से जवाब तलब किया जाएगा।
विज्ञापन