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बजरंद दल का मुख्य उदेश्य हिंदू धर्म, संस्कृति की रक्षा करना
Updated Tue, 02 Oct 2018 08:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बजरंग दल का त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम बिलासपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में संपन्न हुआ जिसमें बतौर मुख्य वक्ता बजरंग दल प्रांत सह-संयोजक अधिवक्ता तुषार डोगरा मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को बजरंग दल के इतिहास व देश में अहमियत के बारे में बताया गया।
डोगरा ने बताया कि बजरंग दल की स्थापना 1984 में उत्तर प्रदेश में की गई जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति एवं हिंदू मान बिंदुओं गाय, गीता, गंगा की रक्षा करना है। उसके लिए समाज में हिंदू शक्ति को तैयार करना है। बजरंग दल भारत वर्ष का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है जिस की सदस्यता वर्ष 2017 में 32 लाख 50 हजार हुई। बजरंग दल का राम जन्मभूमि आंदोलन राम सेतु आंदोलन, राम जानकी रथ यात्रा, बाबरी ढांचे को तोड़ना व बाबा अमरनाथ की यात्रा को सुचारु रूप से चलाना व बाबा बूढ़ा अमरनाथ की यात्रा वर्ष 2005 से बजरंग दल के द्वारा शुरू की गई है।
यह यात्रा कश्मीर के पुंछ जिला से शुरू होती है और भोले भंडारी के मंदिर में जाकर समाप्त होती है। पूरे देश भर से बजरंग दल के कार्यकर्ता लाखों की संख्या में आकर इस यात्रा को करते हैं। बजरंग दल की त्रिशूल दीक्षा लेने का तात्पर्य यह है कि हम भारतवर्ष को परम वैभव तक ले जाने के लिए और पूना विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने के लिए अपना-अपना योगदान देते हैं। कार्यक्रम में त्रिशूल धारण करने वाले युवाओं में राहुल ठाकुर, पियूष शर्मा, कमल किशोर, विशाल शर्मा, नितेश कौशिक, मनीष महाजन, प्रणव हांडा, सोनू, आशीष, नकुल, अनुपम, राहुल, कार्तिक आदि मौजूद थे।
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बिलासपुर। बजरंग दल का त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम बिलासपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में संपन्न हुआ जिसमें बतौर मुख्य वक्ता बजरंग दल प्रांत सह-संयोजक अधिवक्ता तुषार डोगरा मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को बजरंग दल के इतिहास व देश में अहमियत के बारे में बताया गया।
डोगरा ने बताया कि बजरंग दल की स्थापना 1984 में उत्तर प्रदेश में की गई जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति एवं हिंदू मान बिंदुओं गाय, गीता, गंगा की रक्षा करना है। उसके लिए समाज में हिंदू शक्ति को तैयार करना है। बजरंग दल भारत वर्ष का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है जिस की सदस्यता वर्ष 2017 में 32 लाख 50 हजार हुई। बजरंग दल का राम जन्मभूमि आंदोलन राम सेतु आंदोलन, राम जानकी रथ यात्रा, बाबरी ढांचे को तोड़ना व बाबा अमरनाथ की यात्रा को सुचारु रूप से चलाना व बाबा बूढ़ा अमरनाथ की यात्रा वर्ष 2005 से बजरंग दल के द्वारा शुरू की गई है।
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यह यात्रा कश्मीर के पुंछ जिला से शुरू होती है और भोले भंडारी के मंदिर में जाकर समाप्त होती है। पूरे देश भर से बजरंग दल के कार्यकर्ता लाखों की संख्या में आकर इस यात्रा को करते हैं। बजरंग दल की त्रिशूल दीक्षा लेने का तात्पर्य यह है कि हम भारतवर्ष को परम वैभव तक ले जाने के लिए और पूना विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने के लिए अपना-अपना योगदान देते हैं। कार्यक्रम में त्रिशूल धारण करने वाले युवाओं में राहुल ठाकुर, पियूष शर्मा, कमल किशोर, विशाल शर्मा, नितेश कौशिक, मनीष महाजन, प्रणव हांडा, सोनू, आशीष, नकुल, अनुपम, राहुल, कार्तिक आदि मौजूद थे।
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