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बरठीं में नहीं मिल पा रही लोगों को 108 सुविधा
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं(बिलासपुर)। गत चार दिन पहले बरठीं में 108 एंबुलेंस में लगी आग के बाद खराब हुई गाड़ी को अभी तक कंपनी की ओर से ठीक नहीं करवाया गया। इस कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकार द्वारा मरीजों को दी जाने वाली 108 सुविधा की जीवीके धज्जियां उड़ा कर सरकार से मोटा मुनाफा कमा रही है।
उल्लेखनीय है गत चार दिन पहले बरठीं से एक मरीज को लेकर जैसे ही 108 एंबुलेंस बिलासपुर अस्पताल के लिए चली वैसे ही सौ मीटर की दूरी पर गाड़ी में धुआं-धुआं हो गया और स्थिति को भांपते हुए चालक द्वारा गाड़ी को खड़ी कर सभी फ्यूज व बैटरी की तारें खोल दी गईं। इस कारण यह बड़ा हादसा होने से टल गया। उस दिन के बाद एंबुलेंस चिकित्सा केंद्र के बाहर ही खड़ी है उसको कंपनी ने ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई हैं।
उधर 108 एंबुलेंस चालक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि यह गाड़ियां खटारा हो चुकी हैं। ब्रेक सही कार्य नहीं करती है, टायर घिसे हुए हैं। वायरिंग खराब हो चुकी हैं और गाड़ियों में दवाइयों का टोटा चल रहा है लेकिन इसके बाद कंपनी इन गाड़ियों की मरम्मत नहीं करवा पा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस प्रकार से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस कंपनी का टेंडर रद्द किया जाना चाहिए ताकि मरीजों की जान तो बचाई जा सके।
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बरठीं(बिलासपुर)। गत चार दिन पहले बरठीं में 108 एंबुलेंस में लगी आग के बाद खराब हुई गाड़ी को अभी तक कंपनी की ओर से ठीक नहीं करवाया गया। इस कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकार द्वारा मरीजों को दी जाने वाली 108 सुविधा की जीवीके धज्जियां उड़ा कर सरकार से मोटा मुनाफा कमा रही है।
उल्लेखनीय है गत चार दिन पहले बरठीं से एक मरीज को लेकर जैसे ही 108 एंबुलेंस बिलासपुर अस्पताल के लिए चली वैसे ही सौ मीटर की दूरी पर गाड़ी में धुआं-धुआं हो गया और स्थिति को भांपते हुए चालक द्वारा गाड़ी को खड़ी कर सभी फ्यूज व बैटरी की तारें खोल दी गईं। इस कारण यह बड़ा हादसा होने से टल गया। उस दिन के बाद एंबुलेंस चिकित्सा केंद्र के बाहर ही खड़ी है उसको कंपनी ने ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई हैं।
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उधर 108 एंबुलेंस चालक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि यह गाड़ियां खटारा हो चुकी हैं। ब्रेक सही कार्य नहीं करती है, टायर घिसे हुए हैं। वायरिंग खराब हो चुकी हैं और गाड़ियों में दवाइयों का टोटा चल रहा है लेकिन इसके बाद कंपनी इन गाड़ियों की मरम्मत नहीं करवा पा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस प्रकार से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस कंपनी का टेंडर रद्द किया जाना चाहिए ताकि मरीजों की जान तो बचाई जा सके।
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