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श्रावण अष्टमी मेले में पुलिस और गृह रक्षकों की होगी अहम भूमिका
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रीनयना देवी जी के श्रावण अष्टमी मेला 2018 के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। मंदिर आयुक्त एवं उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने बताया कि मेले के दौरान पुलिस बल व गृह रक्षकों की भूमिका अत्यंत कारगर रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैनात सुरक्षा बल के 1100 जवानों के अतिरिक्त स्वयंसेवी निरंतर सेवाभाव से अपने कर्तव्यों व दायित्व का निर्वहन करेंगे। श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी को भी किसी प्रकार की कठिनाइयों या अव्यवस्था का सामना न करने पड़े।
श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई के समय समीप के नियंत्रण कक्ष में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। श्रद्धालू अपने साथियों के साथ मिलकर चलें अगर किसी कारणवश आप के साथी अथवा बच्चे आप से बिछुड़ जाते हैं तो समीप के सूचना सहायता केंद्र से अनाउसमेंट करवाएं तथा पीले गुब्बारे के नीचे स्थित खोया-पाया संपर्क केंद्र से संपर्क स्थापित करें। अधिकारी निरीक्षण करके दुकानों में मूल्य सूची लगवाना सुनिश्चित बनाएं ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं से निर्धारित दरों से अधिक दाम न वसूलें जाएं। टैक्सी चालकों व पार्किंग स्थलों के मालिकों से आग्रह किया कि वह निर्धारित दरों से अधिक पैसे न वसूल करें तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें।
सहायक मेला अधिकारी व उपमंडल अधिकारी अनिल चौहान ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोबा, कैंची मोड़, घवांडल, रोपवे तथा कोहनी मोड़ पर ट्रैफिक बैरियर स्थापित किए गए हैं। ट्रक अथवा ट्रैक्टर आदि भारी वाहन मेला अवधि में टोबा से ऊपर नहीं जाएंगे। मंदिर न्यास, सूचना केंद्रों के अतिरिक्त मेला अवधि में गाड़ियों व मेला स्थल के समीप लाउड स्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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बिलासपुर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रीनयना देवी जी के श्रावण अष्टमी मेला 2018 के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। मंदिर आयुक्त एवं उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने बताया कि मेले के दौरान पुलिस बल व गृह रक्षकों की भूमिका अत्यंत कारगर रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैनात सुरक्षा बल के 1100 जवानों के अतिरिक्त स्वयंसेवी निरंतर सेवाभाव से अपने कर्तव्यों व दायित्व का निर्वहन करेंगे। श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी को भी किसी प्रकार की कठिनाइयों या अव्यवस्था का सामना न करने पड़े।
श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई के समय समीप के नियंत्रण कक्ष में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। श्रद्धालू अपने साथियों के साथ मिलकर चलें अगर किसी कारणवश आप के साथी अथवा बच्चे आप से बिछुड़ जाते हैं तो समीप के सूचना सहायता केंद्र से अनाउसमेंट करवाएं तथा पीले गुब्बारे के नीचे स्थित खोया-पाया संपर्क केंद्र से संपर्क स्थापित करें। अधिकारी निरीक्षण करके दुकानों में मूल्य सूची लगवाना सुनिश्चित बनाएं ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं से निर्धारित दरों से अधिक दाम न वसूलें जाएं। टैक्सी चालकों व पार्किंग स्थलों के मालिकों से आग्रह किया कि वह निर्धारित दरों से अधिक पैसे न वसूल करें तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें।
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सहायक मेला अधिकारी व उपमंडल अधिकारी अनिल चौहान ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोबा, कैंची मोड़, घवांडल, रोपवे तथा कोहनी मोड़ पर ट्रैफिक बैरियर स्थापित किए गए हैं। ट्रक अथवा ट्रैक्टर आदि भारी वाहन मेला अवधि में टोबा से ऊपर नहीं जाएंगे। मंदिर न्यास, सूचना केंद्रों के अतिरिक्त मेला अवधि में गाड़ियों व मेला स्थल के समीप लाउड स्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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