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तीन साल से डमली के तीन परिवारसे टेंट में रहने को विवश
Updated Mon, 21 May 2018 11:33 PM IST
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झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के तहत कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य के चलते ग्राम पंचायत डमली के तीन परिवार टेंट में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को बताया है। लेकिन, समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि 2015 में छत और भटेड़ में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ी को काटने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहाड़ी के साथ लगते गांवों के तीन मकानों में दरारें आ गई थीं। जबकि, कुछ मकान जमीन में धंसने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि प्रभावित परिवारों ने कई बार फोरलेन निर्माण कंपनी और प्रशासन से मकानों को ठीक करने की गुहार लगाई। लेकिन, आज दिन तक समस्या हल नहीं हो पाई है। प्रभावित तीन परिवारों के सीता राम, रत्न लाल, लछमण, सुनील ने बताया कि जब फोरलेन का कार्य हुआ था, उस समय पहाड़ी को काटने के लिए भारी मशीनों का प्रयोग किया गया था। इससे मकानों में दरारें पड़ गई थीं। मकानों के मुआवजे के लिए कई बार फोरलेन कंपन और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर चुके हैं। लेकिन, कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से फोरलेन कंपनी से क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।
उधर, उपमंडल अधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों की शिकायत अगर आती है, तो प्रशासन फोरलेन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएगा।
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गौरतलब है कि 2015 में छत और भटेड़ में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ी को काटने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहाड़ी के साथ लगते गांवों के तीन मकानों में दरारें आ गई थीं। जबकि, कुछ मकान जमीन में धंसने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि प्रभावित परिवारों ने कई बार फोरलेन निर्माण कंपनी और प्रशासन से मकानों को ठीक करने की गुहार लगाई। लेकिन, आज दिन तक समस्या हल नहीं हो पाई है। प्रभावित तीन परिवारों के सीता राम, रत्न लाल, लछमण, सुनील ने बताया कि जब फोरलेन का कार्य हुआ था, उस समय पहाड़ी को काटने के लिए भारी मशीनों का प्रयोग किया गया था। इससे मकानों में दरारें पड़ गई थीं। मकानों के मुआवजे के लिए कई बार फोरलेन कंपन और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर चुके हैं। लेकिन, कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से फोरलेन कंपनी से क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।
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उधर, उपमंडल अधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों की शिकायत अगर आती है, तो प्रशासन फोरलेन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएगा।
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