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बिना बजट के कर दिया बैरी दड़ोला पुल का शिलान्यास
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:59 PM IST
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आेवरब्रिज।
- फोटो : Amar Ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं(बिलासपुर)।
विकास खंड झंडूता की बैहना जट्टा पंचायत में बनने वाले बैरी दड़ोला पुल के शिलान्यास के बाद तीन वर्षों के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2014 में इस पुल की नींव रखी थी। पुल निर्माण से क्षेत्र की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलना था और जिला मुख्यालय की दूरी करीब 70 किलोमीटर की दूरी कम होनी थी। बावजूद इसके आज तक पुल का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्र के हजारों लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का सरकार पर आरोप है कि जनता को झूठे आश्वासन देकर ठगा गया है। सरकार ने आज तक पुल निर्माण के लिए बजट का भी प्रावधान नहीं किया है।
इन पंचायतों को मिलना था लाभ
बैरी दड़ोला पुल के बनने से झंडूता की औहर, हीरापुर, समोह, गालियां, डाहड, नखलेहड़ा, बैरीमियां, गेहड़वीं, जांगला, बडोल देवी, बैहना जट्टा और ऋषिकेश सहित क्षेत्र की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलना था। पुल के निर्माण से करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। पुल के निर्माण से दो विधानसभा क्षेत्र झंडूता और सदर को लाभ मिलना था। मगर पिछले पांच वर्षों से सरकार ने इसको लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाया है। पुल के लिए सदर विधायक ने अनशन भी किया था। मगर बाद में पुल बनाने की बात ठंडे बस्ते में पड़ गई।
रमेश चंद, बाल कृष्ण, सरला चंदेल, किशन सिंह चंदेल, हेम सिंह, राजकुमार, सुरेश कुमार, परम जीत और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं जिला संयोजक पंचायती राज प्रकोष्ठ बिलासपुर अनूप महाजन का कहना है कि सरकार ने लोगों को गुमराह किया है। लोगों का कहना है कि अगर सरकार के पास बजट ही नहीं था तो फिर लोगों के साथ छलावा क्यों किया गया ? लोगों ने कहा कि इस पुल के बनने से हजारों लोगों का लाभ मिलना था। मगर सरकार लोगों को पुल के नाम से सालों से ठगती आ रही है। लोगों ने साफ किया कि अब जो नेता उन्हें पुल बनाने का वायदा करेगा, उसी के साथ लोग आगे खड़े रहेंगे।
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कोट्स
भाजपा विधायक रिखी राम कौंडल ने बताया मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुल शिलान्यास वोट बैंक के लिए किया था। वोट लेने के बाद सरकार पुल निर्माण को भूल गई। भाजपा सत्ता में आते ही पुल निर्माण को लेकर आवश्यक कार्यवाई की जाएगी।
कोट्स
कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. बीरु राम ने कहा कि निर्माण कार्य भाजपा ने रुकवा दिया था। इसके निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही थी। अब कांग्रेस के फिर से सत्ता में आते ही पुल निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
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बरठीं(बिलासपुर)।
विकास खंड झंडूता की बैहना जट्टा पंचायत में बनने वाले बैरी दड़ोला पुल के शिलान्यास के बाद तीन वर्षों के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2014 में इस पुल की नींव रखी थी। पुल निर्माण से क्षेत्र की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलना था और जिला मुख्यालय की दूरी करीब 70 किलोमीटर की दूरी कम होनी थी। बावजूद इसके आज तक पुल का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्र के हजारों लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का सरकार पर आरोप है कि जनता को झूठे आश्वासन देकर ठगा गया है। सरकार ने आज तक पुल निर्माण के लिए बजट का भी प्रावधान नहीं किया है।
इन पंचायतों को मिलना था लाभ
बैरी दड़ोला पुल के बनने से झंडूता की औहर, हीरापुर, समोह, गालियां, डाहड, नखलेहड़ा, बैरीमियां, गेहड़वीं, जांगला, बडोल देवी, बैहना जट्टा और ऋषिकेश सहित क्षेत्र की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलना था। पुल के निर्माण से करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। पुल के निर्माण से दो विधानसभा क्षेत्र झंडूता और सदर को लाभ मिलना था। मगर पिछले पांच वर्षों से सरकार ने इसको लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाया है। पुल के लिए सदर विधायक ने अनशन भी किया था। मगर बाद में पुल बनाने की बात ठंडे बस्ते में पड़ गई।
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रमेश चंद, बाल कृष्ण, सरला चंदेल, किशन सिंह चंदेल, हेम सिंह, राजकुमार, सुरेश कुमार, परम जीत और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं जिला संयोजक पंचायती राज प्रकोष्ठ बिलासपुर अनूप महाजन का कहना है कि सरकार ने लोगों को गुमराह किया है। लोगों का कहना है कि अगर सरकार के पास बजट ही नहीं था तो फिर लोगों के साथ छलावा क्यों किया गया ? लोगों ने कहा कि इस पुल के बनने से हजारों लोगों का लाभ मिलना था। मगर सरकार लोगों को पुल के नाम से सालों से ठगती आ रही है। लोगों ने साफ किया कि अब जो नेता उन्हें पुल बनाने का वायदा करेगा, उसी के साथ लोग आगे खड़े रहेंगे।
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भाजपा विधायक रिखी राम कौंडल ने बताया मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुल शिलान्यास वोट बैंक के लिए किया था। वोट लेने के बाद सरकार पुल निर्माण को भूल गई। भाजपा सत्ता में आते ही पुल निर्माण को लेकर आवश्यक कार्यवाई की जाएगी।
कोट्स
कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. बीरु राम ने कहा कि निर्माण कार्य भाजपा ने रुकवा दिया था। इसके निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही थी। अब कांग्रेस के फिर से सत्ता में आते ही पुल निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।