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पांच माह में दो बार सुनवाई लेकिन नतीजा कुछ नहीं
Updated Sat, 08 Dec 2018 07:55 PM IST
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पांच माह में दो बार सुनवाई लेकिन नतीजा कुछ नहीं
फोरलेन भू-अधिग्रहण प्लान में बदलाव को लेकर चल रही सुनवाई
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण मामले पर विस्थापित समिति ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में बदले गए भू-अधिग्रहण प्लान को लेकर पांच माह में दो बार सुनवाई होने के बाद भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है, जबकि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति का कहना है कि एक तो यह प्लान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक ने अपने स्तर पर ही बदल दिया है। जबकि पांच माह में मामले की दो बार सुनवाई भी हो चुकी है लेकिन उसके बाद भी अगली पर अगली तिथियां जारी कर सुनवाई को टाला जा रहा है।
समिति के महासचिव व पूर्व सैनिक मदनलाल शर्मा का कहना है कि 7-12-2018 को डीएफओ बिलासपुर के कार्यालय में की गई सुनवाई के एनएचआई के परियोजना निदेशक कार्यालय से उपस्थित हुए तकनीशियन अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। अरण्यपाल बिलासपुर द्वारा रखी गई इस बैठक में जब जिला वन अधिकारी ने एनएचआई के अधिकारियों से जवाब न देने का कारण पूछा तो उस पर भी अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
गौरतलब है कि 24-10-2018 को जिला वन अधिकारी ने भूमि अधिग्रहण प्लान में किए गए बदलाव के संबंध में एनएचआई के परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसके बाद निदेशक कार्यालय को रिमाइंडर भी भेजा गया था लेकिन इसके बावजूद भी इस कार्यालय द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।
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वहीं एनएचआई की ओर से उपस्थित हुए इन अधिकारियों ने डीएफओ कार्यालय में हुई बैठक में जवाब देने का और समय मांगा है जिस पर जिला वन अधिकारी ने इन अधिकारियों से जवाब देने की तिथि स्वयं ही तय करने को कहा है। जब अधिकारी कोई भी तिथि इसके बाद भी तय नहीं कर पाए तो डीएफओ बिलासपुर ने 20 दिसंबर को मामले की सुनवाई के लिए अंतिम तिथि सुनिश्चित कर दी है।
वहीं समिति का कहना है कि हर बार तिथि पर तिथि देने से विस्थापित नाराज हैं जो तिथि रखी है उस पर भी समिति ने संदेह जारी किया है कि क्या एनएचआई के अधिकारी जवाब दे पाएंगे या नहीं।
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....खेमराज शर्मा।
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फोरलेन भू-अधिग्रहण प्लान में बदलाव को लेकर चल रही सुनवाई
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण मामले पर विस्थापित समिति ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में बदले गए भू-अधिग्रहण प्लान को लेकर पांच माह में दो बार सुनवाई होने के बाद भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है, जबकि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति का कहना है कि एक तो यह प्लान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक ने अपने स्तर पर ही बदल दिया है। जबकि पांच माह में मामले की दो बार सुनवाई भी हो चुकी है लेकिन उसके बाद भी अगली पर अगली तिथियां जारी कर सुनवाई को टाला जा रहा है।
समिति के महासचिव व पूर्व सैनिक मदनलाल शर्मा का कहना है कि 7-12-2018 को डीएफओ बिलासपुर के कार्यालय में की गई सुनवाई के एनएचआई के परियोजना निदेशक कार्यालय से उपस्थित हुए तकनीशियन अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। अरण्यपाल बिलासपुर द्वारा रखी गई इस बैठक में जब जिला वन अधिकारी ने एनएचआई के अधिकारियों से जवाब न देने का कारण पूछा तो उस पर भी अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
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गौरतलब है कि 24-10-2018 को जिला वन अधिकारी ने भूमि अधिग्रहण प्लान में किए गए बदलाव के संबंध में एनएचआई के परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसके बाद निदेशक कार्यालय को रिमाइंडर भी भेजा गया था लेकिन इसके बावजूद भी इस कार्यालय द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।
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वहीं एनएचआई की ओर से उपस्थित हुए इन अधिकारियों ने डीएफओ कार्यालय में हुई बैठक में जवाब देने का और समय मांगा है जिस पर जिला वन अधिकारी ने इन अधिकारियों से जवाब देने की तिथि स्वयं ही तय करने को कहा है। जब अधिकारी कोई भी तिथि इसके बाद भी तय नहीं कर पाए तो डीएफओ बिलासपुर ने 20 दिसंबर को मामले की सुनवाई के लिए अंतिम तिथि सुनिश्चित कर दी है।
वहीं समिति का कहना है कि हर बार तिथि पर तिथि देने से विस्थापित नाराज हैं जो तिथि रखी है उस पर भी समिति ने संदेह जारी किया है कि क्या एनएचआई के अधिकारी जवाब दे पाएंगे या नहीं।
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....खेमराज शर्मा।