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पेंटिग और नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाया भूजल संरक्षण का महत्व
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:05 AM IST
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भोट। भूजल सप्ताह के अवसर पर भूजल संरक्षण एवं पानी की बर्बादी रोकने के लिए छात्र छात्राओं द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता व नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी भी दी गई।
भूजल सप्ताह के अवसर पर क्षेत्र के थूनापुर स्थित इम्पैक्ट कालेज आफ सांइस एंड टैक्नौलोजी में भूजल के महत्व व वर्षा जल को संचय करने के महत्व एव उपयोगिता विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मौजूद छात्रों को सम्बोधित करते हुए चेयरमैन सुल्तान अहमद सैफी ने कहा कि जल ही जीवन है। अगर वर्तमान की तरह ही भूगर्भ जल का दोहन होता रहा तो आने वाले समय में लोगों के सामने जल संकट पैदा हो जायेगा। आने वाली पीढ़ी को जल संकट से सामना न करना पडें इसके लिए वर्षा जल संचय ही एक मात्र उपाय है। उन्होंने वर्षा जल संचय की विधि की पूर्ण जानकारी दी।कार्यशाला में छात्र छात्राओं ने भी भूगर्भ जल संचय के बारे में अपने विचार रखे। इसके बाद भूजल के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से पेंटिग प्रतियोगिता व नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल है, तो कल है, जल ही जीवन है, पानी है तो जिंदगानी है, जल भविष्य की धरोहर है आदि पर पोस्टर भी बनाए।छात्र छात्राओं ने भूगर्भ जल का महत्व व संरक्षण पर लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। इस दौरान डा कौशल कुमार, सरताज अहमद, गजाला फारूख , अफरोज इकबाल, अम्रतपाल सिंह , रंजीत आदि मौजूद रहे।
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भूजल सप्ताह के अवसर पर क्षेत्र के थूनापुर स्थित इम्पैक्ट कालेज आफ सांइस एंड टैक्नौलोजी में भूजल के महत्व व वर्षा जल को संचय करने के महत्व एव उपयोगिता विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मौजूद छात्रों को सम्बोधित करते हुए चेयरमैन सुल्तान अहमद सैफी ने कहा कि जल ही जीवन है। अगर वर्तमान की तरह ही भूगर्भ जल का दोहन होता रहा तो आने वाले समय में लोगों के सामने जल संकट पैदा हो जायेगा। आने वाली पीढ़ी को जल संकट से सामना न करना पडें इसके लिए वर्षा जल संचय ही एक मात्र उपाय है। उन्होंने वर्षा जल संचय की विधि की पूर्ण जानकारी दी।कार्यशाला में छात्र छात्राओं ने भी भूगर्भ जल संचय के बारे में अपने विचार रखे। इसके बाद भूजल के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से पेंटिग प्रतियोगिता व नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल है, तो कल है, जल ही जीवन है, पानी है तो जिंदगानी है, जल भविष्य की धरोहर है आदि पर पोस्टर भी बनाए।छात्र छात्राओं ने भूगर्भ जल का महत्व व संरक्षण पर लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। इस दौरान डा कौशल कुमार, सरताज अहमद, गजाला फारूख , अफरोज इकबाल, अम्रतपाल सिंह , रंजीत आदि मौजूद रहे।
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