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कुहमझवाड़ में शराब के ठेके के विरोध में उग्र हुए ग्रामीण
Updated Sun, 29 Apr 2018 10:53 PM IST
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बिलासपुर। ग्राम पंचायत कुहमझवाड़ में शराब ठेका को खोलने पर माहौल काफी गरमा गया है। ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार को सूचित किया है कि अगर यहां से ठेके को नहीं हटाया गया, तो आंदोलन होगा।
ग्राम पंचायत कुहमझवाड़ में आपात बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य मुद्दा शराब ठेके को लेकर था। बैठक में कहा गया कि पहले भी इस ठेके को यहां से हटाने के लिए लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने फैसला लिया कि यहां पर अगर किसी भी तरह के जान-मालका नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेवारी ठेकेदार व प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अब ग्राम पंचायत की पांच मई को होने वाली ग्राम सभा में निर्णय लेंगे कि इस ठेके को यहां पर बंद किया जाए या इसका स्थान बदला जाए। इसकी एक कॉपी भी प्रशासन को आगामी कार्रवाई के लिए दी जाएगी। वहीं कुहमझवाड़ पंचायत प्रधान जगदीश ने ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी कार्रवाई तक इस ठेके को बंद रखे, अगर किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है, तो इसका जिम्मेवार ठेकेदार स्वयं होगा।
युवा कांग्रेस हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के महासचिव एवं स्थानीय पंचायत के निवासी आशीष ठाकुर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें। पंचायत प्रधान से भी कहा है कि वह ठेके को ऐसी जगह पर ले जाएं जहां पर ग्रामीणों की आवाजाही कम हो।
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26 अप्रैल को ग्रामीणों की रोपा गांव में खुले ठेके के विरोध में ठेके के कारिंदों से मारपीट हो गई थी। इसके बाद ठेेके के कारिंदों ने सड़क पर पत्थर फेंक कर मार्ग को बंद कर दिया था। इसके बाद यहां पर माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जबकि माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
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ग्राम पंचायत कुहमझवाड़ में आपात बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य मुद्दा शराब ठेके को लेकर था। बैठक में कहा गया कि पहले भी इस ठेके को यहां से हटाने के लिए लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने फैसला लिया कि यहां पर अगर किसी भी तरह के जान-मालका नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेवारी ठेकेदार व प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अब ग्राम पंचायत की पांच मई को होने वाली ग्राम सभा में निर्णय लेंगे कि इस ठेके को यहां पर बंद किया जाए या इसका स्थान बदला जाए। इसकी एक कॉपी भी प्रशासन को आगामी कार्रवाई के लिए दी जाएगी। वहीं कुहमझवाड़ पंचायत प्रधान जगदीश ने ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी कार्रवाई तक इस ठेके को बंद रखे, अगर किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है, तो इसका जिम्मेवार ठेकेदार स्वयं होगा।
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युवा कांग्रेस हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के महासचिव एवं स्थानीय पंचायत के निवासी आशीष ठाकुर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें। पंचायत प्रधान से भी कहा है कि वह ठेके को ऐसी जगह पर ले जाएं जहां पर ग्रामीणों की आवाजाही कम हो।
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26 अप्रैल को ग्रामीणों की रोपा गांव में खुले ठेके के विरोध में ठेके के कारिंदों से मारपीट हो गई थी। इसके बाद ठेेके के कारिंदों ने सड़क पर पत्थर फेंक कर मार्ग को बंद कर दिया था। इसके बाद यहां पर माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जबकि माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है।