{"_id":"5a05be1c4f1c1bd9538bc35b","slug":"101510325788-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम स्ट्रांग रूमों में सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम स्ट्रांग रूमों में सील
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : SELF
बिलासपुर। विधानसभा चुनावों के लिए वीरवार को हुए मतदान के बाद ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया है। मतगणना तक मशीनें स्ट्रांग रूम में रहेंगी। मशीनों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यहां बीएसफ और पुलिस जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। घुमारवीं और झंडूता में भी स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं।
एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन किए गए हैं। कोई भी राजनीतिक दल स्ट्रांग रूम के सामने वाले बरामदे से नजर रख सकता है। यहां तक की राजनीतिक पार्टियां यहां अपने लोगों को 24 घंटे तैनात कर सकती हैं।
जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित 394 पोलिंग बूथों से मशीनें स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाई गईं। मशीनों को पहुंचाने का सिलसिला देर रात 10.30 बजे तक चलता रहा।
विज्ञापन
उधर, एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गुज्जू का कहना है कि स्ट्रांग रूम में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अगर कोई शक है तो वह स्ट्रांग रूप के सामने वाले बरामदे से नजर रख सकते हैं। अगर कोई राजनीतिक दल अगर अपने लोगों को चाहे तो बरामदे में तैनात कर सकता है। लेकिन आईकार्ड होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए थ्री लेयर सुरक्षा के प्रबंधन किए गए हैं।
विज्ञापन
एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन किए गए हैं। कोई भी राजनीतिक दल स्ट्रांग रूम के सामने वाले बरामदे से नजर रख सकता है। यहां तक की राजनीतिक पार्टियां यहां अपने लोगों को 24 घंटे तैनात कर सकती हैं।
विज्ञापन
जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित 394 पोलिंग बूथों से मशीनें स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाई गईं। मशीनों को पहुंचाने का सिलसिला देर रात 10.30 बजे तक चलता रहा।
विज्ञापन
उधर, एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गुज्जू का कहना है कि स्ट्रांग रूम में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अगर कोई शक है तो वह स्ट्रांग रूप के सामने वाले बरामदे से नजर रख सकते हैं। अगर कोई राजनीतिक दल अगर अपने लोगों को चाहे तो बरामदे में तैनात कर सकता है। लेकिन आईकार्ड होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए थ्री लेयर सुरक्षा के प्रबंधन किए गए हैं।