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Bilaspur News: बिजली व्यवस्था न सुधारने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम
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डिजिटल न चलाएं
रानी कोटला, भोली और डोभा पंचायत में खराबी के चार दिन बाद आपूर्ति हो पा रही बहाल
71 ट्रांसफार्मर एक जेई के जिम्मे, एक फोरमैन और एक लाइनमैन
सात माह से तीन पंचायतों के 15 गांव के 8 हजार ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की कमी लोगों पर भारी पड़ रही है। हालत ऐसे हैं कि विधानसभा श्री नयनादेवी जी की ग्राम पंचायत रानी कोटला, भोली और डोभा में चार-चार दिन बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो रही है।
विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है। लेकिन वे कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहे हैं। अब पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से गुहार लगाई है। साथ ही चेताया है कि यदि 10 दिन में कोई कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण सड़कों पर उतर आंदोलन करेंगे। रानी कोटला पंचायत के प्रधान परस राम ठाकुर ने वीरवार को उपायुक्त को ज्ञापन दिया।
इसमें बताया कि सात माह से रानी कोटला, डोभा और भोली पंचायत के 15 गांव के करीब 8 हजार ग्रामीणों को बेहाल विद्युत व्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। कई बार ऐसा होता है कि चार-चार दिन तक बिजली गुल रहती है। इससे लोगों के रोजमर्रा के काम ठप हो जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। साथ ही इस उमस भरी गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं।
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इसके अलावा दूध, दही आदि भी खराब हो जाती है। इस बारे में जब विभागीय अधिकारियों से बात की जाती है तो वह कहते हैं कि उनके पास कर्मचारियों की कमी है। प्रधान ने बताया कि यह तीनों पंचायतें विद्युत अनुभाग जुखाला में पड़ती हैं। इस अनुभाग में 71 ट्रांसफार्मर आते हैं। इन ट्रांसफार्मर को संभालने के लिए एक कनिष्ठ अभियंता, एक फोरमैन और एक लाइनमैन कार्यरत है जबकि करीब 20 पोस्ट खाली हैं। प्रधान परस राम ठाकुर ने चेताया कि यदि 10 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि मामले में विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता से बात की जाएगी। समस्या को जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।
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रानी कोटला, भोली और डोभा पंचायत में खराबी के चार दिन बाद आपूर्ति हो पा रही बहाल
71 ट्रांसफार्मर एक जेई के जिम्मे, एक फोरमैन और एक लाइनमैन
सात माह से तीन पंचायतों के 15 गांव के 8 हजार ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की कमी लोगों पर भारी पड़ रही है। हालत ऐसे हैं कि विधानसभा श्री नयनादेवी जी की ग्राम पंचायत रानी कोटला, भोली और डोभा में चार-चार दिन बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो रही है।
विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है। लेकिन वे कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहे हैं। अब पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से गुहार लगाई है। साथ ही चेताया है कि यदि 10 दिन में कोई कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण सड़कों पर उतर आंदोलन करेंगे। रानी कोटला पंचायत के प्रधान परस राम ठाकुर ने वीरवार को उपायुक्त को ज्ञापन दिया।
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इसमें बताया कि सात माह से रानी कोटला, डोभा और भोली पंचायत के 15 गांव के करीब 8 हजार ग्रामीणों को बेहाल विद्युत व्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। कई बार ऐसा होता है कि चार-चार दिन तक बिजली गुल रहती है। इससे लोगों के रोजमर्रा के काम ठप हो जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। साथ ही इस उमस भरी गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं।
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इसके अलावा दूध, दही आदि भी खराब हो जाती है। इस बारे में जब विभागीय अधिकारियों से बात की जाती है तो वह कहते हैं कि उनके पास कर्मचारियों की कमी है। प्रधान ने बताया कि यह तीनों पंचायतें विद्युत अनुभाग जुखाला में पड़ती हैं। इस अनुभाग में 71 ट्रांसफार्मर आते हैं। इन ट्रांसफार्मर को संभालने के लिए एक कनिष्ठ अभियंता, एक फोरमैन और एक लाइनमैन कार्यरत है जबकि करीब 20 पोस्ट खाली हैं। प्रधान परस राम ठाकुर ने चेताया कि यदि 10 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि मामले में विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता से बात की जाएगी। समस्या को जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।