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AIIMS Bilaspur : एमबीबीएस में प्रवेश लिए युवती ने मोबाइल एप से खुद तैयार किए फर्जी दस्तावेज, जानें पूरा मामला
Sat, 23 Aug 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:00 AM IST
सार
AIIMS Bilaspur MBBS Counselling : एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में फर्जी दस्तावेज लेकर आई बिहार की युवती से पुलिस को पूछताछ में पता चला कि उसने अपने ही मोबाइल पर एप के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
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एम्स बिलासपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में फर्जी दस्तावेज लेकर आई बिहार की युवती को जमानत मिल गई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि युवती ने अपने ही मोबाइल पर एप के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। युवती ने नीट का फर्जी रैंक लेटर बनाया। इसमें 700 में से 590 अंक दर्शाए गए। जबकि असल में युवती को केवल 30 अंक ही प्राप्त हुए थे। सदर थाना पुलिस ने युवती पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले का चालान अदालत में पेश करेगी।
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फिलहाल, दोष सिद्ध होने तक युवती पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं है। यदि अदालत के निर्णय में युवती दोषी पाई जाती है तो उस पर भविष्य में नीट या अन्य किसी परीक्षा देने पर प्रतिबंध लग सकता है। दोषी पाए जाने पर सात साल तक की सजा भी हो सकती है। बता दें कि वीरवार को एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस बैच-2025 की पहली काउंसलिंग में बिहार की एक युवती फर्जी दस्तावेज लेकर पहुंची थी।
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दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पाया गया कि उसका नाम मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की आधिकारिक सूची में उपलब्ध नहीं है। प्रस्तुत किए गए प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर और स्कोर कार्ड में अनेक विसंगतियां पाई गईं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर भी कोई विवरण प्राप्त नहीं हुआ। एम्स की काउंसलिंग समिति ने जब उसके ई-मेल आईडी से वास्तविक रैंक लेटर डाउनलोड किया तो उसमें युवती का रैंक लगभग 20 लाख ऑल इंडिया रैंक पाया गया।
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जांच में पता चला है कि आरोपी युवती ने एप के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। युवती को बेल दे दी गई है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। - शिव चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक