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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   66th anniversary of the Tibetan nation uprising Exiled Tibetans took to the streets in protest against China

तिब्बती राष्ट्र विद्रोह की 66वीं वर्षगांठ: चीन के विरोध में सड़कों पर उतरे निर्वासित तिब्बती, जोरदार नारेबाजी

Mon, 10 Mar 2025 09:07 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो/संवाद/मैक्लोडगंज/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद/मैक्लोडगंज/धर्मशाला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 10 Mar 2025 09:07 PM IST
सार

तिब्बती राष्ट्र विद्रोह की 66वीं वर्षगांठ पर निर्वासित तिब्बतियों ने मैक्लोडगंज से धर्मशाला तक जनआक्रोश रैली निकालकर चीन के खिलाफ नारेबाजी की। 

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66th anniversary of the Tibetan nation uprising Exiled Tibetans took to the streets in protest against China
चीन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

तिब्बती राष्ट्र विद्रोह की 66वीं वर्षगांठ पर सोमवार को निर्वासित तिब्बती सड़कों पर उतरे। निर्वासित तिब्बतियों ने मैक्लोडगंज से धर्मशाला तक जनआक्रोश रैली निकालकर चीन के खिलाफ नारेबाजी की। निर्वासित तिब्बतियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन सरकार की ओर से तिब्बत में तिब्बतियों पर किए जा रहे अत्याचारों को बंद करने के लिए चीन पर दबाव बनाने की अपील भी की।

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रैली में तिब्बत समाज के हर वर्ग सहित विदेशियों ने भी भागीदारी सुनिश्चित की। तिब्बतियन यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तेंजिन छुंडू ने कहा कि हम लंबे समय से तिब्बत की आजादी का सपना देख रहे हैं, जो कि जल्द पूरा होने वाला है। तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन की अध्यक्ष छेरिंग डोलमा ने कहा कि तिब्बत राष्ट्र विद्रोह की वर्षगांठ पर हम तिब्बतियों के बलिदान को याद करते हैं। तिब्बती सांसद डोलकर ने कहा कि विश्व भर में तिब्बती भले ही अच्छे से रह रहे हैं, लेकिन तिब्बत में तिब्बतियों की स्थिति काफी दयनीय है, जिसे न हम भूले हैं और न भूलेंगे। चीनी राष्ट्रपति पर कोई भी विश्वास नहीं कर सकता।

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चुगलाखंग बौद्ध मठ पहुंचे स्लोवॉकिया के पूर्व राष्ट्रपति
बौद्ध नगरी मैक्लोडगंज के चुगलाखंग बौद्ध मठ में तिब्बत राष्ट्र विद्रोह की 66वीं वर्षगांठ पर सोमवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निर्वासित सरकार की ओर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि स्लोवॉकिया के पूर्व राष्ट्रपति आंद्रेज किस्का और एस्टोनिया के सांसद जुकु कल्लास रेड ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इन दोनों का स्वागत निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा छेरिंग ने किया। पेंपा छेरिंग ने ध्वजारोहण करके राष्ट्रीय गान व तिब्बतियन राष्ट्रीय गान के उपरांत आम जनता को संबोधित किया। इस समारोह में तिब्बतियन नागरिक, बौद्ध भिक्षु, विदेशी नागरिक और निर्वासित तिब्बतियन सरकार के सांसद और कर्मचारीगण शामिल रहे। आंद्रेज किस्का और व एस्टोनिया के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट जुकु कल्लास रेड ने समारोह से पूर्व धर्मगुरु दलाई लामा से उनके निवास स्थान पर भेंट की।
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