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100% tariff On Pharma: हिमाचल की कंपनियों पर भी टैरिफ का दिखेगा असर, एक दर्जन उद्योग करते हैं अमेरिका निर्यात

Sat, 27 Sep 2025 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)।
संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 27 Sep 2025 04:00 AM IST
सार

100% Tariff on Pharma Products: फार्मा एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने 100 फीसदी टैरिफ का ऐलान कर दिया है, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। इससे हिमाचल समेत भारत के दवा उत्पादकों पर सीधा असर पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर...

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100% tariff on pharma Himachal companies will also be affected by the tariff
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवाइयों पर सौ फीसदी टैरिफ लगा दिया है। यह टैरिफ 1 अक्तूबर से लागू हो जाएगा। इससे अमेरिका में सप्लाई होने वाली दवाओं की कीमतें दोगुना हो जाएंगी। इससे हिमाचल समेत भारत के दवा उत्पादकों पर सीधा असर पड़ेगा। अमेरिका भारत में बनने वाली दवाओं का बहुत बड़ा खरीददार रहा है। हिमाचल में एक दर्जन उद्योग दवाई अमेरिका सप्लाई करते हैं।

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अमेरिका और यूरोपीय नेताओं ने एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें दवाइयों सहित कुछ यूरोपीय वस्तुओं पर 15 फीसदी टैरिफ दर शामिल है। ट्रंप अन्य देशों में बनने वाली दवाओं पर 200 फीसदी अधिक शुल्क लगाने की धमकी दे रहे थे। लेकिन उन्होंने ब्रांडेड या पेटेंटेड दवाई पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह टैक्स उन कंपनियों पर नहीं लगेगा जो अमेरिका में ही दवा बनाने के लिए अपना प्लांट लगा रही हैं।

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भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। ये टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो चुका है। कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर, सी फूड जैसे भारतीय प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट इससे महंगा हो गया है। अभी तक उन्होंने दवाओं को इस टैरिफ से बाहर रखा गया था।

भारत से गुजरात, कनार्टक, तेलंगाना, महाराष्ट्र व हिमाचल से अमेरिका को दवाएं निर्यात होती हैं। अमेरिका में केवल वहीं कंपनियां अपनी दवा निर्यात कर सकती हैं, जिनके पास यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) का प्रमाणपत्र होता है। अमेरिका के ड्रग विभाग यहां पर पहले दवाइयों की जांच करता है और उसके बाद संबंधित कंपनी को यह प्रमाण पत्र जारी करता है।

हिमाचल से इमाकल्स लाइफ साइंस, एक्मे जेनरिक, मोरपेन, पिनाकल, एल्कम, मेकलियोड्स, ग्लेनमार्क, जेड्स केडला, ओक्सेलिस व पनेशिया समेत एक दर्जन कंपनियां अमेरिका में दवा निर्यात करती हैं।

हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एचडीएमए) के प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि इस फैसले से अमेरिकी बाजार से भारत की दवाएं बाहर हो जाएंगी। उधर,ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि टैरिफ लगने से प्रदेश के दवा उद्योग पर असर पड़ेगा। 
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