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बुखार से युवक की मौत, 52 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। डेंगू के तेजी से बढ़ते प्रकोप से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। गांव जठलाना निवासी 25 वर्षीय महताब उर्फ बिल्ला की बुधवार को पीजीआई चंडीगढ़ में बुखार से मौत हो गई। पीजीआई के डॉक्टरों ने उसे डेंगू होने की बात कही थी। हालांकि पीजीआई की तरफ से जिला स्वास्थ्य विभाग को अभी तक कोई सूचना नहीं भिजवाई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने महताब की डेंगू से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।
महताब के परिवार में अभी तीन लोग और बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम तीनों की निगरानी कर रही है और उनके सैंपल लिए गए हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक जिले में डेंगू के 52 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दस मरीजों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गांव जठलाना निवासी नौशाद खान ने बताया कि उसका भाई महताब कुछ दिन से बीमार था। जांच करवाने पर पता चला कि उसे डेंगू है।
इस पर उसे मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजे जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां उसकी हालत खराब होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां महताब की मौत हो गई। छह महीने पहले उसके भाई महताब की शादी हुई थी। उसका भाई एक फैक्टरी में सुरक्षा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। मृतक महताब के पिता वहीद खान गांव में खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं।
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जठलाना के पूर्व सरपंच वीर सिंह ने बताया कि गांव में काफी लोग इस समय बुखार से पीड़ित हैं, जिनका अस्पतालों में व घर पर इलाज चल रहा है। अधिकतर मरीजों में डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू की आशंका के चलते एसएमओ डॉ. विजय परमार ने गांव में एक टीम भेजी है। वहीं एसएमओ डॉ. विजय परमार ने बताया कि विभाग की एक टीम पीड़ित परिवार के घर जाकर निरीक्षण कर रही है। वहीं जो लोग गांव में बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें दवा देने के लिए कहा गया है।
बॉक्स
निजी अस्पतालों में ज्यादा मरीज
पिछले कुछ दिनों से जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। लगभग हर गांव में डेंगू के संदिग्ध मरीज होने के मामले सामने आए है। जांच में 52 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि निजी अस्पतालों में रेपिड टेस्ट में ज्यादा डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव मिलने वालों को ही डेंगू मरीज घोषित करता है।
पीजीआई से डेंगू से मौत बारे कोई सूचना नहीं आई है। जिले में 52 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। केवल 10 लोग ही अस्पताल में भर्ती हैं। अभी 250 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर घर जाकर लारवा को चेक कर रही हैं। लारवा मिलने पर पांच हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। डॉ. वागीश बुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी
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यमुनानगर। डेंगू के तेजी से बढ़ते प्रकोप से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। गांव जठलाना निवासी 25 वर्षीय महताब उर्फ बिल्ला की बुधवार को पीजीआई चंडीगढ़ में बुखार से मौत हो गई। पीजीआई के डॉक्टरों ने उसे डेंगू होने की बात कही थी। हालांकि पीजीआई की तरफ से जिला स्वास्थ्य विभाग को अभी तक कोई सूचना नहीं भिजवाई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने महताब की डेंगू से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।
महताब के परिवार में अभी तीन लोग और बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम तीनों की निगरानी कर रही है और उनके सैंपल लिए गए हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक जिले में डेंगू के 52 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दस मरीजों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गांव जठलाना निवासी नौशाद खान ने बताया कि उसका भाई महताब कुछ दिन से बीमार था। जांच करवाने पर पता चला कि उसे डेंगू है।
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इस पर उसे मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजे जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां उसकी हालत खराब होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां महताब की मौत हो गई। छह महीने पहले उसके भाई महताब की शादी हुई थी। उसका भाई एक फैक्टरी में सुरक्षा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। मृतक महताब के पिता वहीद खान गांव में खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं।
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जठलाना के पूर्व सरपंच वीर सिंह ने बताया कि गांव में काफी लोग इस समय बुखार से पीड़ित हैं, जिनका अस्पतालों में व घर पर इलाज चल रहा है। अधिकतर मरीजों में डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू की आशंका के चलते एसएमओ डॉ. विजय परमार ने गांव में एक टीम भेजी है। वहीं एसएमओ डॉ. विजय परमार ने बताया कि विभाग की एक टीम पीड़ित परिवार के घर जाकर निरीक्षण कर रही है। वहीं जो लोग गांव में बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें दवा देने के लिए कहा गया है।
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निजी अस्पतालों में ज्यादा मरीज
पिछले कुछ दिनों से जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। लगभग हर गांव में डेंगू के संदिग्ध मरीज होने के मामले सामने आए है। जांच में 52 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि निजी अस्पतालों में रेपिड टेस्ट में ज्यादा डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव मिलने वालों को ही डेंगू मरीज घोषित करता है।
पीजीआई से डेंगू से मौत बारे कोई सूचना नहीं आई है। जिले में 52 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। केवल 10 लोग ही अस्पताल में भर्ती हैं। अभी 250 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर घर जाकर लारवा को चेक कर रही हैं। लारवा मिलने पर पांच हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। डॉ. वागीश बुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी