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शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए लगा तांता
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:17 AM IST
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उधमपुर में आतंकी को मारकर शहीद हुए जिले के जाँबाज रॉकी का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से यमुनानगर लाया गया। रात हो जाने के कारण शव को साढौरा रेस्ट हाउस में रखा जाना था। लेकिन यहां फ्रिजर न होने के कारण पार्थिव शरीर को यमुनानगर ले जाना पड़ा।
वीरवार को बीएसएफ के वाहन में शहीद के पार्थिव शरीर को जम्मू से यमुनानगर के लिए रवाना किया गया। बीएसएफ के मुताबिक बीएसएफ के आईजी ने शव को कंधा देकर वाहन तक पहुंचाया। सुबह करीब पौने दस बजे वाहन यमुनानगर के लिए रवाना हुआ।
रात करीब पौने दस बजे बीएसएफ का वाहन नारायणगढ़ से होते हुए साढौरा पहुंचा। यहां शव को रेस्ट हाउस में रखा जाना था। जैसे ही साढौरावासियों को पता लगा कि शहीद के पार्थिव शरीर को रेस्ट हाउस में रखा जाएगा। शहीद के दर्शन के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। शहीद रॉकी के पिता शीशपाल और अन्य लोग भी यहां पहुंचे। मौके पर प्रशासन की ओर से एसडीएम पूजा चावरिया और डीएसपी बिलासपुर मौजूद थे।
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रेस्ट हाउस पहुंचने पर पार्थिव शरीर के साथ आए अधिकारी ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ बात की। इसके बाद रेस्ट हाउस में पार्थिव शरीर को रखने के लिए फ्रिजर न होने पर शहीद के शव को यमुनानगर सिविल अस्पताल ले जाया गया। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ बीएसएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हरिदत्त शर्मा साथ आए थे। यमुनानगर सिविल अस्पताल पहुंचने पर पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया।
सुबह बीएसएफ के कमांडेंट से मेरी बात हुई थी। उन्होंने कहा कि शहीद के पार्थिव शरीर को दो दिन तक खराब होने से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए हैं और पार्थिव शरीर दो दिन तक खराब नहीं होगा। रात को दूसरे कमांडेंट से बात हुई तो उन्होंने कहा कि रात को शव को फ्रिजर में रखना उचित होगा। इस कारण रेस्ट हाउस से शहीद के पार्थिव शरीर को यमुनानगर सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस ले जाना पड़ा।
पूजा चावरिया, एसडीएम बिलासपुर
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वीरवार को बीएसएफ के वाहन में शहीद के पार्थिव शरीर को जम्मू से यमुनानगर के लिए रवाना किया गया। बीएसएफ के मुताबिक बीएसएफ के आईजी ने शव को कंधा देकर वाहन तक पहुंचाया। सुबह करीब पौने दस बजे वाहन यमुनानगर के लिए रवाना हुआ।
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रात करीब पौने दस बजे बीएसएफ का वाहन नारायणगढ़ से होते हुए साढौरा पहुंचा। यहां शव को रेस्ट हाउस में रखा जाना था। जैसे ही साढौरावासियों को पता लगा कि शहीद के पार्थिव शरीर को रेस्ट हाउस में रखा जाएगा। शहीद के दर्शन के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। शहीद रॉकी के पिता शीशपाल और अन्य लोग भी यहां पहुंचे। मौके पर प्रशासन की ओर से एसडीएम पूजा चावरिया और डीएसपी बिलासपुर मौजूद थे।
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रेस्ट हाउस पहुंचने पर पार्थिव शरीर के साथ आए अधिकारी ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ बात की। इसके बाद रेस्ट हाउस में पार्थिव शरीर को रखने के लिए फ्रिजर न होने पर शहीद के शव को यमुनानगर सिविल अस्पताल ले जाया गया। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ बीएसएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हरिदत्त शर्मा साथ आए थे। यमुनानगर सिविल अस्पताल पहुंचने पर पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया।
सुबह बीएसएफ के कमांडेंट से मेरी बात हुई थी। उन्होंने कहा कि शहीद के पार्थिव शरीर को दो दिन तक खराब होने से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए हैं और पार्थिव शरीर दो दिन तक खराब नहीं होगा। रात को दूसरे कमांडेंट से बात हुई तो उन्होंने कहा कि रात को शव को फ्रिजर में रखना उचित होगा। इस कारण रेस्ट हाउस से शहीद के पार्थिव शरीर को यमुनानगर सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस ले जाना पड़ा।
पूजा चावरिया, एसडीएम बिलासपुर