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Yamuna Nagar News: कराटे में नाम रोशन कर रहे यशवीर सिंह
Fri, 20 Mar 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के सेक्टर-15 में रहने वाले 11 वर्षीय यशवीर सिंह कराटे में जिले व प्रदेश का नाम चमका रहे हैं। यश की कराटे तकनीक इतनी शानदार है कि वह छोटी आयु में कई पदक अपने नाम कर चुके हैं।
पिछले वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी यशवीर ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। इससे पूर्व भी यशवीर जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुका है। वह शहर की बामणिया कराटे अकादमी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। कराटे एसोसिएशन के महासचिव विकास बामणिया ने बताया कि यशवीर विभिन्न प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीत चुका है। उन्होंने बताया कि 22-23 दिसंबर को पानीपत में हुई ओपन राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में यशवीर ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना लोहा मनवाया है। ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में यशवीर ने 50 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया था।
उन्होंने बताया कि यशवीर सात साल की आयु से कराटे करने लगा था। आयु के साथ उसका खेल के प्रति लगाव व जुनून भी बढ़ने लगा। वह चार वर्ष से सुबह-शाम तीन से चार घंटे कड़ा अभ्यास करता है। यशवीर अभी तक जिलास्तर पर दो स्वर्ण, राज्य स्तर पर तीन और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण पदक जीत चुका है।
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यशवीर के पिता मनप्रीत सिंह निजी क्षेत्र में काम करते हैं और मां गुरजीत कौर गृहिणी हैं। स्कूल में खिलाड़ी को देखकर यशवीर का इसके प्रति रुझान बढ़ा। माता-पिता बेटे को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिलवाना शुरू कर दिया। इसके बाद अब यशवीर अपने नाम के रूप में यश कमा रहा है। यशवीर ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैक बेल्ट जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहता है।
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जगाधरी। शहर के सेक्टर-15 में रहने वाले 11 वर्षीय यशवीर सिंह कराटे में जिले व प्रदेश का नाम चमका रहे हैं। यश की कराटे तकनीक इतनी शानदार है कि वह छोटी आयु में कई पदक अपने नाम कर चुके हैं।
पिछले वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी यशवीर ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। इससे पूर्व भी यशवीर जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुका है। वह शहर की बामणिया कराटे अकादमी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। कराटे एसोसिएशन के महासचिव विकास बामणिया ने बताया कि यशवीर विभिन्न प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीत चुका है। उन्होंने बताया कि 22-23 दिसंबर को पानीपत में हुई ओपन राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में यशवीर ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना लोहा मनवाया है। ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में यशवीर ने 50 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया था।
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उन्होंने बताया कि यशवीर सात साल की आयु से कराटे करने लगा था। आयु के साथ उसका खेल के प्रति लगाव व जुनून भी बढ़ने लगा। वह चार वर्ष से सुबह-शाम तीन से चार घंटे कड़ा अभ्यास करता है। यशवीर अभी तक जिलास्तर पर दो स्वर्ण, राज्य स्तर पर तीन और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण पदक जीत चुका है।
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यशवीर के पिता मनप्रीत सिंह निजी क्षेत्र में काम करते हैं और मां गुरजीत कौर गृहिणी हैं। स्कूल में खिलाड़ी को देखकर यशवीर का इसके प्रति रुझान बढ़ा। माता-पिता बेटे को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिलवाना शुरू कर दिया। इसके बाद अब यशवीर अपने नाम के रूप में यश कमा रहा है। यशवीर ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैक बेल्ट जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहता है।