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चार हजार महिला परीक्षार्थियों ने आजमाया भाग्य
yamunanagar beuro
Updated Mon, 01 May 2017 12:19 AM IST
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- फोटो : yamunanagar
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महिला एवं बाल विकास विभाग सुपरवाइजर पद की परीक्षा देने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब हजारों महिला परीक्षार्थी अपने अभिभावकों संग रविवार को ट्विनसिटी पहुंचीं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में करीब चार हजार महिला परीक्षार्थियों ने अपना भाग्य आजमाया। परीक्षा दोपहर बाद करीब तीन बजे शुरू होनी थी। लेकिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों परीक्षार्थी सुबह ही शहर पहुंच गए। समय से पहले परीक्षा केंद्रों में एंट्री न मिलने परीक्षार्थियों के पसीने छूट पड़े। गर्मी से बचने के लिए परीक्षार्थियों ने डिवाइडर व फुटपाथ पर लगे पेड़ों के लिए समय बिताना पड़ा। पसीना बहाने के बाद केंद्रों में प्रवेश के पहले ही परीक्षार्थियों के आभूषण उतरवा दिया गया। परीक्षा के बाद शहर में जाम लग गया। घंटे भर जाम में फंसने के बाद परीक्षार्थी अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुए।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर (महिला) पद के लिए परीक्षा हुई। परीक्षा के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। ट्विनसिटी के 18 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा देने के लिए प्रदेश के दूर स्थित जिलों से हजारों महिला परीक्षार्थी सुबह दस बजे से पहुंचनी शुरू हो गई। जबकि परीक्षा दोपहर बाद तीन बजे थी। इसलिए अधिकतर परीक्षार्थी निर्धारित समय पांच-छह घंटे पहले ही पहुंच गईं। लेकिन निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं थी। ऐसे में परीक्षार्थियों को गर्मी व धूप में पसीना बहाना पड़ा।
पूरे प्रदेश में यमुनानगर में ही बनाए परीक्षा केंद्र
भिवानी से आई सपना ने बताया कि सरकार ने केवल यमुनानगर को ही परीक्षा केंद्र बनाया है। जबकि कम कम से कम चार स्थानों पर परीक्षा केंद्र होने चाहिए थे। गृह जिलों के नजदीक परीक्षा होने से पहुंचने में आसानी में रहती है। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है, लेकिन खुद तो इस पर अमल नहीं करती। परीक्षा के नाम पर बेटियों को परेशान करने का काम किया जा रहा है।
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कानो से उतरवाई बालियां, हाथों से चूड़ियां
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए महिलाओं की गहन चेकिंग की गई। प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनके कानों से बालियां, टॉप्स और हाथों से चूड़ियां उतरवा ली गई। इसके अलावा गले में पड़े हुए हार, पांव की पाजेब व अन्य गहने उतरवाए गए। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के भीतर परीक्षार्थियों को अपने मोबाइल, घड़ी आदि अन्य कोई इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्र में पहुंचने से पहले ही सभी चीजें बाहर ही रखवा ली गई।
परीक्षार्थियों ने आजमाया भाग्य
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सुपरवाइजर (महिला) के पदों की भर्ती के लिए 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए। इनमें पर आयोजित परीक्षा लगभग 4669 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 80 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंची। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए जैमर लगे थे। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
परीक्षा समाप्त होते ही शहर में लगा जाम
परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों से भी हजारों की संख्या में परीक्षार्थी शहर में परीक्षा देने आए थे। अधिकतर लोग अपने वाहन से आए। इन वाहनों के कारण शहर में वाहनों का दबाव बढ़ गया। शाम करीब साढ़े चार बजे परीक्षा खत्म हुई। परीक्षा खत्म होते ही शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए तीन से चार पुलिस कर्मी तैनात किए गए। लेकिन फिर भी रेलवे रोड, गोबिंदपुरी रोड, जगाधरी वर्कशाप रोड, नेशनल हाईवे 73 पर कई स्थानों पर जाम लगा रहा। जिससे परीक्षार्थियों के साथ साथ शहरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुपरवाइजर पद के लिए परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई। करीब 80 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। प्रदेश के दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थी समय से पहले ही आ गए। परीक्षा केंद्र में समय पूर्व जाने की इजाजत नहीं है, इसलिए परीक्षार्थियों को बाहर बैठना पड़ा। ट्विनसिटी में 18 परीक्षा केंद्रों बनाए गए थे। जिनमें नकल का कोई केस सामने नहीं आया। किसी परीक्षार्थी के गले, हाथ या पांव से आभूषण नहीं उतारे गए। दिशा निर्देशों के तहत परीक्षार्थियों ने स्वयं अपने आभूषण उतारे।
- भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, जगाधरी।
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर (महिला) पद के लिए परीक्षा हुई। परीक्षा के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। ट्विनसिटी के 18 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा देने के लिए प्रदेश के दूर स्थित जिलों से हजारों महिला परीक्षार्थी सुबह दस बजे से पहुंचनी शुरू हो गई। जबकि परीक्षा दोपहर बाद तीन बजे थी। इसलिए अधिकतर परीक्षार्थी निर्धारित समय पांच-छह घंटे पहले ही पहुंच गईं। लेकिन निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं थी। ऐसे में परीक्षार्थियों को गर्मी व धूप में पसीना बहाना पड़ा।
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पूरे प्रदेश में यमुनानगर में ही बनाए परीक्षा केंद्र
भिवानी से आई सपना ने बताया कि सरकार ने केवल यमुनानगर को ही परीक्षा केंद्र बनाया है। जबकि कम कम से कम चार स्थानों पर परीक्षा केंद्र होने चाहिए थे। गृह जिलों के नजदीक परीक्षा होने से पहुंचने में आसानी में रहती है। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है, लेकिन खुद तो इस पर अमल नहीं करती। परीक्षा के नाम पर बेटियों को परेशान करने का काम किया जा रहा है।
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कानो से उतरवाई बालियां, हाथों से चूड़ियां
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए महिलाओं की गहन चेकिंग की गई। प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनके कानों से बालियां, टॉप्स और हाथों से चूड़ियां उतरवा ली गई। इसके अलावा गले में पड़े हुए हार, पांव की पाजेब व अन्य गहने उतरवाए गए। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के भीतर परीक्षार्थियों को अपने मोबाइल, घड़ी आदि अन्य कोई इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्र में पहुंचने से पहले ही सभी चीजें बाहर ही रखवा ली गई।
परीक्षार्थियों ने आजमाया भाग्य
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सुपरवाइजर (महिला) के पदों की भर्ती के लिए 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए। इनमें पर आयोजित परीक्षा लगभग 4669 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 80 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंची। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए जैमर लगे थे। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
परीक्षा समाप्त होते ही शहर में लगा जाम
परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों से भी हजारों की संख्या में परीक्षार्थी शहर में परीक्षा देने आए थे। अधिकतर लोग अपने वाहन से आए। इन वाहनों के कारण शहर में वाहनों का दबाव बढ़ गया। शाम करीब साढ़े चार बजे परीक्षा खत्म हुई। परीक्षा खत्म होते ही शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए तीन से चार पुलिस कर्मी तैनात किए गए। लेकिन फिर भी रेलवे रोड, गोबिंदपुरी रोड, जगाधरी वर्कशाप रोड, नेशनल हाईवे 73 पर कई स्थानों पर जाम लगा रहा। जिससे परीक्षार्थियों के साथ साथ शहरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुपरवाइजर पद के लिए परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई। करीब 80 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। प्रदेश के दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थी समय से पहले ही आ गए। परीक्षा केंद्र में समय पूर्व जाने की इजाजत नहीं है, इसलिए परीक्षार्थियों को बाहर बैठना पड़ा। ट्विनसिटी में 18 परीक्षा केंद्रों बनाए गए थे। जिनमें नकल का कोई केस सामने नहीं आया। किसी परीक्षार्थी के गले, हाथ या पांव से आभूषण नहीं उतारे गए। दिशा निर्देशों के तहत परीक्षार्थियों ने स्वयं अपने आभूषण उतारे।
- भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, जगाधरी।