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यमुनानगर: आरसी फर्जीवाड़े मामले में दो अफसरों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, पुलिस जांच में करना चाहती है शामिल

Wed, 26 Apr 2023 11:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 26 Apr 2023 11:14 PM IST
सार

तत्कालीन एसडीएम दर्शन सिंह ने टेस्ट के लिए हां कर दी है। वहीं पूजा चांवरिया ने समय मांगा है। पुलिस दोनों अधिकारियों को जांच में शामिल करना चाहती है।

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Yamunanagar: Two officers will have lie detector test in RC forgery case
Lie truth

विस्तार

यमुनानगर जिले के बहुचर्चित आरसी फर्जीवाड़े मामले में जगाधरी के तत्कालीन एसडीएम दर्शन सिंह व पूजा चांवरिया को अदालत ने समन भेज कर तलब किया। इस पर दोनों अदालत में पेश हुए। मामले में सुनवाई होने पर एचसीएस दर्शन सिंह ने तो अपना लाई डिटेक्टिव टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में हामी भर दी। वहीं पूजा चांवरिया ने टेस्ट कराने या नहीं कराने के लिए अदालत से थोड़ा समय मांगा है।

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पुलिस आरसी फर्जीवाड़े में उक्त दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच करना चाहता है। लाई डिटेक्टिव टेस्ट से ही साफ हो पाएगा कि दोनों अधिकारियों की आरसी फर्जीवाड़े में कोई भूमिका है या नहीं। हालांकि दोनों अधिकारी पुलिस से कह चुके हैं कि उनका आरसी फर्जीवाड़े से कोई लेना देना नहीं है। एसआईटी में शामिल डीएसपी रादौर की तरफ से दोनों का टेस्ट कराने के लिए अदालत में अर्जी लगाई गई थी।
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जब आरसी फर्जीवाड़ा हुआ था तो इसमें पकड़े गए एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों से पुलिस ने पूछताछ की थी। उस समय में जगाधरी के एसडीएम का कार्यभार एसडीएम पूजा चांवरिया व दर्शन सिंह के पास था। ऐसे में पुलिस दोनों को जांच में शामिल करना चाहती थी। दोनों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत न होने के कारण पुलिस इन पर हाथ नहीं डाल पाई।
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जगाधरी व बिलासपुर एसडीएम ऑफिस में हुए आरसी फर्जीवाड़े के तार जम्मू कश्मीर तक जुड़े मिले थे। एसआईटी ने अंबाला के गांव महमूदपुर निवासी नितिन शर्मा को करनाल जेल से प्रोडक्शन रिमांड पर लिया। आरोपी की जगाधरी से फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराई गाड़ी जम्मू कश्मीर में बेची थी, जोकि आतंकवादियों तक पहुंच गई थी, जिसे गत वर्ष करनाल में पकड़ा गया था।

यह था मामला
जनवरी 2021 में सिरसा पुलिस ने जांच के दौरान कुछ गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई थी। इसकी जांच करते हुए पुलिस एसडीएम जगाधरी कार्यालय पहुंची थी। पहली गिरफ्तारी रोहतक के सुनील चिटकारा की हुई थी। जगाधरी एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी राजेंद्र और अमित के मिले होने की बात कबूली।

इस दौरान कई वाहनों की फाइलें भी कार्यालय से गुम मिली थी। जांच में 16 फाइलों में गड़बड़ी मिली थी। इस मामले को लेकर एक केस तब सेक्टर-17 जगाधरी में भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद बिलासपुर एसडीएम ने एफआईआर कराई कि उनके यहां से अमित ने 29 वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराया।


अमित ने आठ फरवरी 2021 को सिरसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। सभी आरोपियों ने 906 नीलाम वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन किए थे। इनमें से 149 की रिकवरी हो चुकी है। यह वाहन अभी पुलिस लाइन जगाधरी में खड़े हैं। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अमित फरार हो गया। कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर रखा है।

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