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Yamuna Nagar News: 117 करोड़ वसूल कर प्रथम स्थान पर रहा यमुनानगर
Fri, 28 Nov 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली निगम की ओर से बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती करने के कारण रिकवरी के मामले में यमुनानगर पूरे प्रदेश में नंबर एक पर आ गया है। बिजली निगम का बकायेदारों 122 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें से निगम अधिकारियों ने 117 करोड़ रुपये की रिकवरी कर ली है।
अब निगम की लोगों की तरफ केवल पांच करोड़ रुपये ही बकाया रह गए हैं। रिकवरी के मामले में नंबर एक पर आने पर बिजली निगम के एमडी ने भी यमुनानगर की तारीफ की है।
बैठक में एमडी ने सभी जिलों के एसई व अधिकारियों से यमुनानगर के लिए तालियां तक बजवाई। साथ ही दूसरे जिलों को भी यमुनानगर की तरह ही रिकवरी में तेजी लाने को कहा गया है।
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समय पर बिल नहीं भरने की वजह से बिजली निगम के डिफाल्टरों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। डिफाल्टरों में पांच हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक वाले बिजली उपभोक्ता शामिल थे। ऐसे में डिफाल्टरों से बकाया राशि की रिकवरी करने में काफी दिक्कत आ रही थी। ऐसे में बिजली निगम के एसई नरेंद्र सिंह ने डिफाल्टरों पर सख्ती की।
उन्होंने रिकवरी के लिए सभी सब डिवीजन के एसडीओ के नेतृत्व में टीमें बनाई। इसी तरह से एसडीओ ने आगे दूसरे स्टाफ की टीमें बनाई और बिल न भरने वालों को नोटिस भेजने शुरू किए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर कैंप भी लगाए गए, जिनमें लोगों से बिल भरने की अपील भी की गई। इसी दौरान सरचार्ज माफी की योजना का लाभ उठाने को भी लोगों से कहा गया। जिसमें काफी लोगों ने मूल बकाया बिल भर कर ब्याज माफी योजना का लाभ उठाया।
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यमुनानगर। बिजली निगम की ओर से बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती करने के कारण रिकवरी के मामले में यमुनानगर पूरे प्रदेश में नंबर एक पर आ गया है। बिजली निगम का बकायेदारों 122 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें से निगम अधिकारियों ने 117 करोड़ रुपये की रिकवरी कर ली है।
अब निगम की लोगों की तरफ केवल पांच करोड़ रुपये ही बकाया रह गए हैं। रिकवरी के मामले में नंबर एक पर आने पर बिजली निगम के एमडी ने भी यमुनानगर की तारीफ की है।
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बैठक में एमडी ने सभी जिलों के एसई व अधिकारियों से यमुनानगर के लिए तालियां तक बजवाई। साथ ही दूसरे जिलों को भी यमुनानगर की तरह ही रिकवरी में तेजी लाने को कहा गया है।
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समय पर बिल नहीं भरने की वजह से बिजली निगम के डिफाल्टरों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। डिफाल्टरों में पांच हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक वाले बिजली उपभोक्ता शामिल थे। ऐसे में डिफाल्टरों से बकाया राशि की रिकवरी करने में काफी दिक्कत आ रही थी। ऐसे में बिजली निगम के एसई नरेंद्र सिंह ने डिफाल्टरों पर सख्ती की।
उन्होंने रिकवरी के लिए सभी सब डिवीजन के एसडीओ के नेतृत्व में टीमें बनाई। इसी तरह से एसडीओ ने आगे दूसरे स्टाफ की टीमें बनाई और बिल न भरने वालों को नोटिस भेजने शुरू किए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर कैंप भी लगाए गए, जिनमें लोगों से बिल भरने की अपील भी की गई। इसी दौरान सरचार्ज माफी की योजना का लाभ उठाने को भी लोगों से कहा गया। जिसमें काफी लोगों ने मूल बकाया बिल भर कर ब्याज माफी योजना का लाभ उठाया।