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...ऐसे तो दो घंटे की बारिश भी नहीं झेल पाएगा ट्विन सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:37 AM IST
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हालात का जायजा लेते एमएलए
किसी शायर ने कहा है-लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पाई.....। कुछ ऐसी ही हालत ट्विन सिटी की है। यमुनानगर और जगाधरी शहर से गुजरने वाले बड़े नालों पर लैंटर डालकर उस पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। किसी ने नाले पर मकान बना लिया है तो कोई फैक्टरी चला रहा है। इसका खामियाजा दोनों शहरों के हजारों बाशिंदों ने चार दिन पहले हुई रिकार्ड 383 एमएम बारिश से भुगता।
नेशनल हाइवे पर बरसात के आठ घंटे बाद तक पानी नहीं उतरा, जबकि निचली कॉलोनियों में पानी निकासी में तीन दिन लग गए। इस जलभराव के लिए क्या सिर्फ बारिश ही जिम्मेदार है, अमर उजाला टीम ने इसकी पड़ताल की तो, नालों पर अवैध कब्जे और प्रशासन की बेरुखी कहीं अधिक जिम्मेदार मिली। असल में रिकार्ड बारिश के बाद कई फुट तक भरे पानी के बीच जिंदगी की जद्दोजहद में लगे ट्विन सिटी के हालात पानी निकासी के मामले में अच्छे नहीं है। शहर में लगातार दो घंटे बारिश हो जाए तो कॉलोनियों में बाढ़ के हालात बन जाएंगे।
इन हालातों में कैसे हो जगाधरी के पानी की निकासी
जगाधरी के टाउन हाल से शुरू होने वाला नाला रामलीला ग्राउंड, मछली मार्केट के पीछे से होता हुआ नेशनल हाइवे 73 ए को क्रास कर हुडा सेक्टर 17 की ओर जाता है। इस नाले पर जगाधरी गेट से आने वाला नाला भी मिलता है। करीब 80 प्रतिशत जगाधरी शहर का गंदा पानी इस नाले में आता है। रामलीला ग्राउंड से आगे करीब 250 मीटर दूरी तक नाले पर लोगों ने लैंटर डालकर इसे अपने मकान और फैक्ट्रियों में मिला लिया है। इस कारण प्रशासन इस नाले की सफाई नहीं करवा पाता है। हालत है कि नाला पूरी तरह सिल्ट से अटा पड़ा है। बरसात आते ही बरसाती पानी आगे नहीं जा पाता। चार दिन पूर्व आई बरसात के बाद इस नाले के आसपास की कॉलोनियों व सड़कों पर कई घंटे तक जलभराव की स्थिति रही।
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नाले पर लैंटर, जलनिकासी रूकी
सेक्टर 17 हुडा से आने वाला नाला प्रोफेसर कॉलोनी से गोबिंदपुरी व जब्बी वाले गुरुद्वारे के पीछे से होते हुए गुजरता है। कन्हैया साहिब चौक के नजदीक हुडा कांपलेक्स के पीछे लोगों ने नाले पर लैंटर डाल दिया है, जिससे नाले की सफाई करना मुश्किल हो जाता है। यहां नाले पर डाले गए लैंटर के कारण ही जब्बी वाले गुरुद्वारे के पीछे भारी जलभराव हुआ।
नाले पर कब्जा कर बना लिया स्टोर, डूब गया हाईवे
जगाधरी व यमुनानगर शहर से गुजरने वाला मेन नाला लाजपत नगर, विश्वकर्मा चौक के नजदीक से होते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक आता हैै। विश्वकर्मा चौक के नजदीक से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की ओर जा रहे नाले को प्रशासन ने कवर्ड करवाया है और बीच-बीच में होल बनाए हैं ताकि नाले की सफाई होती रही। यहां एक फैक्टरी मालिक ने नाले के लैंटर के ऊपर एक और लैंटर डालकर नाले पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, नाले पर कब्जा कर उसे स्टोर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पानी निकासी रुकने से 14 जुलाई को नेशनल हाइवे 73 पर विश्वकर्मा चौक व लाजपत नगर के नजदीक जलभराव होने से आठ घंटे तक हाइवे बंद रहा।
विधायक ने देखा मौका
एसडीएम जगाधरी प्रेमचंद ने सोमवार को विश्वकर्मा चौक के नजदीक नाले पर लैंटर डालकर किए गए अतिक्रमण का मौका मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा को इसकी जानकारी दी। विधायक ने भी मौके पर आकर नाले पर किए गए अतिक्रमण को देखा और अधिकारियों से कार्रवाई करने को कहा।
वर्जन-
ट्विन सिटी में नालों पर अतिक्रमण होने से नाले ओवर फ्लो हो रहे हैं। नालों पर किए गए अतिक्रमण का मौका-मुआयना किया जा रहा है। जल्द ही नाले पर बने निर्माण को हटाया जाएगा।
प्रेमचंद, एसडीएम जगाधरी।
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नेशनल हाइवे पर बरसात के आठ घंटे बाद तक पानी नहीं उतरा, जबकि निचली कॉलोनियों में पानी निकासी में तीन दिन लग गए। इस जलभराव के लिए क्या सिर्फ बारिश ही जिम्मेदार है, अमर उजाला टीम ने इसकी पड़ताल की तो, नालों पर अवैध कब्जे और प्रशासन की बेरुखी कहीं अधिक जिम्मेदार मिली। असल में रिकार्ड बारिश के बाद कई फुट तक भरे पानी के बीच जिंदगी की जद्दोजहद में लगे ट्विन सिटी के हालात पानी निकासी के मामले में अच्छे नहीं है। शहर में लगातार दो घंटे बारिश हो जाए तो कॉलोनियों में बाढ़ के हालात बन जाएंगे।
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इन हालातों में कैसे हो जगाधरी के पानी की निकासी
जगाधरी के टाउन हाल से शुरू होने वाला नाला रामलीला ग्राउंड, मछली मार्केट के पीछे से होता हुआ नेशनल हाइवे 73 ए को क्रास कर हुडा सेक्टर 17 की ओर जाता है। इस नाले पर जगाधरी गेट से आने वाला नाला भी मिलता है। करीब 80 प्रतिशत जगाधरी शहर का गंदा पानी इस नाले में आता है। रामलीला ग्राउंड से आगे करीब 250 मीटर दूरी तक नाले पर लोगों ने लैंटर डालकर इसे अपने मकान और फैक्ट्रियों में मिला लिया है। इस कारण प्रशासन इस नाले की सफाई नहीं करवा पाता है। हालत है कि नाला पूरी तरह सिल्ट से अटा पड़ा है। बरसात आते ही बरसाती पानी आगे नहीं जा पाता। चार दिन पूर्व आई बरसात के बाद इस नाले के आसपास की कॉलोनियों व सड़कों पर कई घंटे तक जलभराव की स्थिति रही।
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नाले पर लैंटर, जलनिकासी रूकी
सेक्टर 17 हुडा से आने वाला नाला प्रोफेसर कॉलोनी से गोबिंदपुरी व जब्बी वाले गुरुद्वारे के पीछे से होते हुए गुजरता है। कन्हैया साहिब चौक के नजदीक हुडा कांपलेक्स के पीछे लोगों ने नाले पर लैंटर डाल दिया है, जिससे नाले की सफाई करना मुश्किल हो जाता है। यहां नाले पर डाले गए लैंटर के कारण ही जब्बी वाले गुरुद्वारे के पीछे भारी जलभराव हुआ।
नाले पर कब्जा कर बना लिया स्टोर, डूब गया हाईवे
जगाधरी व यमुनानगर शहर से गुजरने वाला मेन नाला लाजपत नगर, विश्वकर्मा चौक के नजदीक से होते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक आता हैै। विश्वकर्मा चौक के नजदीक से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की ओर जा रहे नाले को प्रशासन ने कवर्ड करवाया है और बीच-बीच में होल बनाए हैं ताकि नाले की सफाई होती रही। यहां एक फैक्टरी मालिक ने नाले के लैंटर के ऊपर एक और लैंटर डालकर नाले पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, नाले पर कब्जा कर उसे स्टोर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पानी निकासी रुकने से 14 जुलाई को नेशनल हाइवे 73 पर विश्वकर्मा चौक व लाजपत नगर के नजदीक जलभराव होने से आठ घंटे तक हाइवे बंद रहा।
विधायक ने देखा मौका
एसडीएम जगाधरी प्रेमचंद ने सोमवार को विश्वकर्मा चौक के नजदीक नाले पर लैंटर डालकर किए गए अतिक्रमण का मौका मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा को इसकी जानकारी दी। विधायक ने भी मौके पर आकर नाले पर किए गए अतिक्रमण को देखा और अधिकारियों से कार्रवाई करने को कहा।
वर्जन-
ट्विन सिटी में नालों पर अतिक्रमण होने से नाले ओवर फ्लो हो रहे हैं। नालों पर किए गए अतिक्रमण का मौका-मुआयना किया जा रहा है। जल्द ही नाले पर बने निर्माण को हटाया जाएगा।
प्रेमचंद, एसडीएम जगाधरी।