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खनन जोन में एनजीटी टीम ने खंगाले क्रेशरों के कागजात
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:10 AM IST
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खनन गतिविधियों का लिया जायजा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बल्लेवाला क्रशर जोन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) टीम ने खनन घाटों का दौरा कर खनन गतिविधियों का जायजा लिया। इससे पूरा दिन क्रेशर संचालकों में हड़कंप मचा रहा। अधिकतर संचालक क्रेशरों पर अपने कारिंदों को छोड़करइधर-उधर हो गए। अधिकारियों की टीम ने माइनिंग घाटों के कागजात और रायल्टी के कागजातों की जांच की। कई क्रेशर संचालक अपने पूरे दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जांच ताजेवाला लालटोपी घाट से की गई। टीम ने कोहलीवाला घाट, भूड़माजरा, देवधर तथा क्रेशर जोन का दौरा कर स्टोन क्रेशरों का रिकार्ड जांचा। राजस्व, खनन और पुलिस के अधिकारी भी उनके साथ थे।
एनजीटी की टीम ने बुधवार को बल्लेवाला स्टोन क्रेशर जोन का निरीक्षण किया। एनजीटी अधिकारी डॉ अजय महरोत्रा ने माइनिंग के लिए खोले गए भूड़माजरा और कोलीवाला घाट का निरीक्षण किया। टीम ने खनन की गहराई, एग्रीमेंट का रिकार्ड और खनन घाट पर लगे कैमरे आदि की जांच की। एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा ने एनजीटी टीम को बताया कि देवधर निवासी किसान भूपेंद्र की आठ एकड़ जमीन को खनन करने के लिए परमीशन दी गई है। अप्रूवल के लिए ली गई जमीन पर जल्दी ही खनन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों का अमला डांडीपुर घाट पहुंचा। जल्दी ही उक्त घाट को भी माइनिंग के लिए खोल देने की जानकारी दी गई। एनजीटी टीम ने क्रेशर जोन में पहुंचकर कई क्रेशरों यूनिट्स के कागजात खंगाले। डॉ अजय महरोत्रा ने गोदावरी स्टोन क्रेशर, सरस्वती क्रेशर एंड स्क्रीनिंग प्लांट पर पहुंचकर संचालकों से रिकार्ड तलब किया। अधिकारियों ने उक्त क्रेशरों के संचालकों द्वारा दिया गया रिकार्ड फाइलों में दर्ज कर लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्रेशरों पर खरीदे और बेचे गए माल का रिकार्ड रखना जरूरी है। जोन में कार्यरत इकाईयों के बाहर उनका नाम और पता साफ साफ लिखा हो।
एनजीटी ने ये दिए निर्देश
एनजीटी ने खनन ठेकेदारों को निर्देश दिए कि माइनिंग एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक ही की जाए। खुदाई करते वक्त कोई हरा पेड़ न काटा जाए। कहीं पर भी नौ मीटर से अधिक गहरा खनन न किया जाए। जिस किसान की जमीन पर माइनिंग की जाती है, उसको समय पर मुआवजा दिया जाए। जिस समय एनजीटी टीम क्रेशर जोन का निरीक्षण कर रही थी उस समय क्रेशर संचालकों के कागजात जांचने के लिए न तो टैक्स डिपार्टमेंट अधिकारी मौके पर दिखें और न ही पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम के साथ एसडीएम नवीन आहुजा, डीएसपी राजेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप सिंह, पंचकूला माइनिंग अधिकारी नीरज, जिला खनन अधिकारी राजीव धीमान, खनन इंस्पेक्टर ओमदत्त, तहसीलदार छछरौली अश्वनी गंभीर और खिजराबाद थाना प्रभारी विरेंद्र राणा भी थे।
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दिन भर ठप रहा खनन कार्य
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम के आने की भनक क्रेशर संचालकों को लगी तो खनन कार्य ठप हो गया। बुधवार को क्रेशर जोन में न तो क्रेशर चले न ही स्क्रीनिंग प्लांट। खुदाई कार्य भी ठप रहा। दिन भर पूरे क्षेत्र में न तो ट्रैक्टर ट्राली चलीं और ना ही अर्थमूवर मशीनें।
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एनजीटी की टीम ने बुधवार को बल्लेवाला स्टोन क्रेशर जोन का निरीक्षण किया। एनजीटी अधिकारी डॉ अजय महरोत्रा ने माइनिंग के लिए खोले गए भूड़माजरा और कोलीवाला घाट का निरीक्षण किया। टीम ने खनन की गहराई, एग्रीमेंट का रिकार्ड और खनन घाट पर लगे कैमरे आदि की जांच की। एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा ने एनजीटी टीम को बताया कि देवधर निवासी किसान भूपेंद्र की आठ एकड़ जमीन को खनन करने के लिए परमीशन दी गई है। अप्रूवल के लिए ली गई जमीन पर जल्दी ही खनन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों का अमला डांडीपुर घाट पहुंचा। जल्दी ही उक्त घाट को भी माइनिंग के लिए खोल देने की जानकारी दी गई। एनजीटी टीम ने क्रेशर जोन में पहुंचकर कई क्रेशरों यूनिट्स के कागजात खंगाले। डॉ अजय महरोत्रा ने गोदावरी स्टोन क्रेशर, सरस्वती क्रेशर एंड स्क्रीनिंग प्लांट पर पहुंचकर संचालकों से रिकार्ड तलब किया। अधिकारियों ने उक्त क्रेशरों के संचालकों द्वारा दिया गया रिकार्ड फाइलों में दर्ज कर लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्रेशरों पर खरीदे और बेचे गए माल का रिकार्ड रखना जरूरी है। जोन में कार्यरत इकाईयों के बाहर उनका नाम और पता साफ साफ लिखा हो।
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एनजीटी ने ये दिए निर्देश
एनजीटी ने खनन ठेकेदारों को निर्देश दिए कि माइनिंग एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक ही की जाए। खुदाई करते वक्त कोई हरा पेड़ न काटा जाए। कहीं पर भी नौ मीटर से अधिक गहरा खनन न किया जाए। जिस किसान की जमीन पर माइनिंग की जाती है, उसको समय पर मुआवजा दिया जाए। जिस समय एनजीटी टीम क्रेशर जोन का निरीक्षण कर रही थी उस समय क्रेशर संचालकों के कागजात जांचने के लिए न तो टैक्स डिपार्टमेंट अधिकारी मौके पर दिखें और न ही पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम के साथ एसडीएम नवीन आहुजा, डीएसपी राजेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप सिंह, पंचकूला माइनिंग अधिकारी नीरज, जिला खनन अधिकारी राजीव धीमान, खनन इंस्पेक्टर ओमदत्त, तहसीलदार छछरौली अश्वनी गंभीर और खिजराबाद थाना प्रभारी विरेंद्र राणा भी थे।
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दिन भर ठप रहा खनन कार्य
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम के आने की भनक क्रेशर संचालकों को लगी तो खनन कार्य ठप हो गया। बुधवार को क्रेशर जोन में न तो क्रेशर चले न ही स्क्रीनिंग प्लांट। खुदाई कार्य भी ठप रहा। दिन भर पूरे क्षेत्र में न तो ट्रैक्टर ट्राली चलीं और ना ही अर्थमूवर मशीनें।