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फैक्ट्री का बॉयलर फटा, धमाके से सहमे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:47 AM IST
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धमाके से सहमे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साढौरा रोड पर गांव मियापुर के समीप देर शाम एक टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्री का बॉयलर फट जाने से बड़ा हादसा टल गया। हादसे में फैक्ट्री के समीप खेतों में कई एकड़ फसल खराब हो गई। बॉयलर फटने से फैक्ट्री में आग लग गई। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गांव के किसान असलम, गुरनाम, शरीफ, सुरेश कुमार, गुरमेल, सलामू, वाहिद ने बताया कि देर शाम उन्हें जोर के धमाके की आवाज सुनाई दी। इससे गांव के लोग सहम गए और ग्रामीण दौड़ कर फैक्ट्री की ओर भागे। फैक्ट्री से आग की तेज लपटें उठ रही थीं। शाहिद हुसन ने बताया कि फैक्ट्री के बॉयलर का करीब एक टन का ढक्कन टूटकर फैक्ट्री की छत के बीम और टीन को उखाड़ता हुआ उनके खेतों में करीब 200 मीटर की दूरी पर गिरा। धमाके के साथ निकले मलबे से उनकी तीन एकड़ धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। मौके पर फैक्ट्री कर्मचारी ने बताया कि बॉयलर में अधिक स्टीम बन जाने पर उसके ढक्कन का नट टूट गया और वह फट गया। साथ लगे दूसरे बायलर को बचा लिया गया। कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों के पास श्रीविष्णु के नाम से एक फैक्ट्री पुराने टायरों को जलाकर तेल और तार निकालने का कार्य पिछले कई वर्षों से करती है। इससे भारी मात्रा में राख निकलकर उनके खेतों में खड़ी फसलों पर जम जाती है। इससे उनके पशु खेतों में उगे चारे को नहीं खा पाते। इसके साथ फैक्ट्री से निकलने वाली राख के कारण उनके परिवार के सदस्यों को चर्म रोग हो गया है और वह जब अपने खेतों में काम करते हैं, तो उनके शरीर में खुजली हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों और सीएम विंडो पर भी की, किंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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गांव के किसान असलम, गुरनाम, शरीफ, सुरेश कुमार, गुरमेल, सलामू, वाहिद ने बताया कि देर शाम उन्हें जोर के धमाके की आवाज सुनाई दी। इससे गांव के लोग सहम गए और ग्रामीण दौड़ कर फैक्ट्री की ओर भागे। फैक्ट्री से आग की तेज लपटें उठ रही थीं। शाहिद हुसन ने बताया कि फैक्ट्री के बॉयलर का करीब एक टन का ढक्कन टूटकर फैक्ट्री की छत के बीम और टीन को उखाड़ता हुआ उनके खेतों में करीब 200 मीटर की दूरी पर गिरा। धमाके के साथ निकले मलबे से उनकी तीन एकड़ धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। मौके पर फैक्ट्री कर्मचारी ने बताया कि बॉयलर में अधिक स्टीम बन जाने पर उसके ढक्कन का नट टूट गया और वह फट गया। साथ लगे दूसरे बायलर को बचा लिया गया। कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
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ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों के पास श्रीविष्णु के नाम से एक फैक्ट्री पुराने टायरों को जलाकर तेल और तार निकालने का कार्य पिछले कई वर्षों से करती है। इससे भारी मात्रा में राख निकलकर उनके खेतों में खड़ी फसलों पर जम जाती है। इससे उनके पशु खेतों में उगे चारे को नहीं खा पाते। इसके साथ फैक्ट्री से निकलने वाली राख के कारण उनके परिवार के सदस्यों को चर्म रोग हो गया है और वह जब अपने खेतों में काम करते हैं, तो उनके शरीर में खुजली हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों और सीएम विंडो पर भी की, किंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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