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बच्चे को डेंगू, सूचना न देने पर थमाया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2016 12:39 AM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
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यमुनानगर में डेंगू मरीज के बारे में सूचना न देने पर स्वास्थ्य विभाग ने संतोष हास्पिटल को नोटिस भेजा है। आजाद नगर के रहने वाले एक सात साल के बच्चे का हास्पिटल में टेस्ट करने के बाद वह डेंगू पॉजिटिव पाया गया था। बाद में परिजन बच्चे को चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित सरकारी अस्पताल ले गए। चंडीगढ़ से बच्चे के डेंगू पीड़ित होने की सूचना आने पर स्वास्थ्य विभाग को इसका पता चला। विभाग को पीड़ित का नाम और पूरा पता करने में तीन-चार दिन लग गए। मामले में विभाग ने संतोष हास्पिटल प्रबंधन को लापरवाह मानते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पिछले वर्ष थे डेंगू के 41 कंफर्म मरीज
जिले में डेंगू बुखार पीड़ित अधिकतर प्राइवेट अस्पतालों में ही इलाज करवाते हैं। प्राइवेट अस्पताल जानबूझ कर डेंगू मरीजों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को नहीं बताते हैं और इलाज के नाम पर भारी-भरकम बिल बना देते हैं। पिछले साल डेंगू का प्रकोप काफी अधिक बढ़ने पर प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में डेंगू बुखार से पीड़ित भर्ती हुए थे। डेंगू मरीजों की सूचना न देने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्राइवेट अस्पतालों को कड़े निर्देश दिए थे कि वे अपने अस्पतालों में भर्ती होने वाले डेंगू के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें ताकि उनका सरकारी लैब से डेंगू टेस्ट करवाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद प्राइवेट अस्पतालों ने डेंगू पीड़ितों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी शुरू की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले साल जिले में कुल 122 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए थे। इनमें से 41 केस प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हुए थे। पिछली बार के आंकड़े को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार भी प्राइवेट अस्पतालों के प्रति कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में संतोष हास्पिटल को डेंगू पीड़ित की सूचना न देने पर नोटिस भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए को लिखा लेटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान को पत्र लिखा गया है। इसमें जिले के प्राइवेट अस्पतालों को डेंगू पॉजिटिव केसों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने को कहा गया है। पत्र में लिखा गया है कि यदि कोई प्राइवेट अस्पताल ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ डेंगू, मलेरिया एपेडमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
आजाद नगर के डेंगू पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए संतोष हास्पिटल भर्ती कराया गया था। अस्पताल में बच्चे को डेंगू कंफर्म होने पर भी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई। इस कारण हमें डेंगू पीड़ित का काफी लेट पता चला। इस कारण संतोष हास्पिटल को नोटिस भेजा गया है। साथ ही अन्य प्राइवेट अस्पतालों को भी डेंगू पॉजिटिव की सूचना देने की कड़ी हिदायत दी गई है।
डा. वीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी
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पिछले वर्ष थे डेंगू के 41 कंफर्म मरीज
जिले में डेंगू बुखार पीड़ित अधिकतर प्राइवेट अस्पतालों में ही इलाज करवाते हैं। प्राइवेट अस्पताल जानबूझ कर डेंगू मरीजों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को नहीं बताते हैं और इलाज के नाम पर भारी-भरकम बिल बना देते हैं। पिछले साल डेंगू का प्रकोप काफी अधिक बढ़ने पर प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में डेंगू बुखार से पीड़ित भर्ती हुए थे। डेंगू मरीजों की सूचना न देने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्राइवेट अस्पतालों को कड़े निर्देश दिए थे कि वे अपने अस्पतालों में भर्ती होने वाले डेंगू के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें ताकि उनका सरकारी लैब से डेंगू टेस्ट करवाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद प्राइवेट अस्पतालों ने डेंगू पीड़ितों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी शुरू की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले साल जिले में कुल 122 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए थे। इनमें से 41 केस प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हुए थे। पिछली बार के आंकड़े को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार भी प्राइवेट अस्पतालों के प्रति कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में संतोष हास्पिटल को डेंगू पीड़ित की सूचना न देने पर नोटिस भेजा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए को लिखा लेटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान को पत्र लिखा गया है। इसमें जिले के प्राइवेट अस्पतालों को डेंगू पॉजिटिव केसों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने को कहा गया है। पत्र में लिखा गया है कि यदि कोई प्राइवेट अस्पताल ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ डेंगू, मलेरिया एपेडमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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आजाद नगर के डेंगू पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए संतोष हास्पिटल भर्ती कराया गया था। अस्पताल में बच्चे को डेंगू कंफर्म होने पर भी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई। इस कारण हमें डेंगू पीड़ित का काफी लेट पता चला। इस कारण संतोष हास्पिटल को नोटिस भेजा गया है। साथ ही अन्य प्राइवेट अस्पतालों को भी डेंगू पॉजिटिव की सूचना देने की कड़ी हिदायत दी गई है।
डा. वीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी