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Yamuna Nagar News: यमुना उफनाई, लापरा में तबाही

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jul 2023 02:32 AM IST
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Yamuna overflowing, devastation in Lapra
यमुनानगर। हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ने के बाद यमुना नदी रौद्र हो गई। उफनाई यमुना नदी के किनारे बसा गांव लापरा में बाढ़ आ गई है। गांव की गलियों व मुख्य सड़क पर करीब तीन से चार फीट पानी भर गया।
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साल 2013 और 2017 की बाढ़ से सबक लेते हुए यहां के ग्रामीणों ने अपने सामान को पहले ही समेट लिया था, किंतु इस बार भी गांव में बाढ़ का पानी आ गया है। जहां-जहां भी नजर डालें पानी ही पानी दिख रहा है। पुराने सहारनपुर रोड पर बसा गांव लापरा की मुख्य सड़क पर कमर से ऊपर तक पानी है। लोगों ने ट्रैक्टरों की मदद से वहां से गुजरने वाले लोगों को किनारे तक लगाया। इतना ही हालातों का जायजा लेने के लिए पहुंचे डीसी राहुल हुड्डा को भी ट्रैक्टर पर बैठ कर गांव तक जाना पड़ा। इस दौरान लोगों ने यमुना नदी के बाढ़ के पानी के कारण हुए नुकसान के बारे में उन्हें बताया। हालांकि प्रशासन ने लोगों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।
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बाढ़ के पानी में ये डूबे
गांव लापरा रोड पर ही बने पेट्रोल पंप के अलावा बनी फैक्टरी में भी बाढ़ का पानी घुस गया। पानी के कारण भूमि कटाव हो गया तथा इसी रोड पर बसे कैत मंडी गांव के सरकारी स्कूल, गांव महमूदपुर में भी बाढ़ का पानी तीन से चार फीट तक भर गया। सड़क किनारे खेतों में खड़ा हरा चारा के अलावा पोपुलर की फसल भी तबाह हो गई। फसलें पानी में समा गई। हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। ग्रामीण, महमूद, सोहेल, मोनू, नमीम, महबूब और साहिल ने बताया कि बाढ़ के पानी से हरा चारा पूरी तरह से डूब गया। ऐसे में पशुओं के लिए चारा की दिक्कत खड़ी हो गई।
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इसलिए आती है गांव लापरा में बाढ़
दरअसल, छोटा लापरा ऊंचाई पर है और बिल्कुल यमुना नदी के किनारे पर बसा है। इस गांव से महज दस कदम दूरी पर ही बड़ा लापरा है जोकि नीचले स्तर पर बसा है। दोनों गांवों की एक ही पंचायत है और दोनों गांव की कुल आबादी 600 है। लेकिन बड़ा लापरा नीचले स्तर व निकासी न होने के कारण हर साल यमुना नदी के पानी से डूब जाता है। गांव में पानी तीन से चार फीट तक पहुंच जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ से उन्हें 50 हजार से दो लाख रुपये तक नुकसान उठाना पड़ता है।



बैराज से पानी छोड़ने पर बनती है स्थिति विकट
जब हथिनी कुंड बैराज पर पानी बढ़ जाता है तो डैम को बचाने के लिए पानी को यमुना नदी में छोड़ दिया जाता है। नदी में पानी आने के बाद वह दूर-दूर तक मार्क करती है। जिसकी चपेट में यमुना नदी से सटे गांव आ जाते हैं। पिछली बार हथिनी कुंड बैराज से लगभग साल 2017 में 6 लाख क्यूसेक से ज्यादा का पानी छोड़ा गया। ये स्तर हाई फ्लड लेवल के दो गुना ज्यादा रहा। जिससे यमुनानगर के नदी से लगते कई गांवों में पानी घुस गया था। छोटा लापरा, बड़ा लापरा, कैत मंडी और बीबी पुर सहित कई गावों को प्रशासन ने खाली करवा लिया था।
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