फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamuna nagar, sabad kirtan

शबद कीर्तन से संगत निहाल

Mon, 09 Jan 2017 12:14 AM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Mon, 09 Jan 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
yamuna nagar,  sabad kirtan
d - फोटो : amar ujala
श्रीगुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें जन्मोत्सव पर बिलासपुर के पहली पातशाही गुरुद्वारा में धार्मिक कार्यक्रम हुए। इस दौरान दीवान साहब को बहुत की आकर्षक ढंग से सजाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान बलदेव सिंह कायमपुरी उपस्थित रहे। बिलासपुर गुरुद्वारा कमेटी सदस्यों तेजा सिंह, करनैल सिंह, अमरीक सिंह, सरदार सिंह, राजिंद्र सिंह, जसपाल भट्टी, भूपिंद्र सिंह मुख्य अतिथि बलदेव सिंह कायमपुर मैनेजर नरेंद्र ंसिह को सरौंपा भेंट कर स्वागत किया। शिवालिक हाईस्कूल के छात्रों व भाई बलजिंद्र सिंह पिलखनी रागी दाढ़ी जत्था ने शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया। रविवार को अखंड पाठ का भोग पड़ा। बलदेव सिंह कायमपुरी ने गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरू गोविंद सिंह एक महान योद्धा व समाज सुधारक थे। वे सभी महा पुरुषों में श्रेष्ठ व धुन के पक्के थे। उन्होंने अपने पिता गुरुतेग बहादुर जी को धर्म व मानवता के लिए बलिदान देते हुए देखा था, उन्हें कुर्बानी की प्रेरणा वही से मिली थी।
विज्ञापन


कहा जब गुरु गोबिंद सिंह जी पांच साल के थे तो उन्हें आंनदपुर साहब शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेज दिया गया था। उनका बचपन बड़े अनुशासनिक ढ़ंग से गुजारा। गुरु गोविंद सिंह के समय मुगलों का अत्याचार चरम पर था। ऐसी स्थिति में गुरु गोबिंद सिंह ने हिंदू जाति में जान डालने के लिए 1699 में आंनदपुर साहब में खालसा पंथ की नींव रखी। इस पंथ के सैनिकों ने देश धर्म की रक्षा व हर प्रकार के मुगलों के अत्याचारों के विरुद्ध लड़ने का बीड़ा उठाया। हिंदू सिख एकता कायम करने व मानवता के रक्षक के रूप में गुरु गोविंद सिंह सदैव अमर रहेंगे। इस धार्मिक कार्यक्रम में आस पास के क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका व आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी सिख धर्म के प्रचार प्रसार सहित शिक्षा व धर्म क्षेत्र में भी अग्रणी कार्य करती है। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस दौरान जसपाल भट्टी, भुट्टों, भूपेंद्र सोढ़ी, गुरमीत कौर सोढ़ी, अनमोल सिंह, इकबाल सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed