फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamuna nagar, rally,nikali

दिव्यांग बच्चों ने निकाली रैली

Sun, 04 Dec 2016 11:26 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Sun, 04 Dec 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
yamuna nagar, rally,nikali
zv - फोटो : vz
विकलांगता को झुठलाते हुए दिव्यांगता को प्राप्त करने के लिए मन की शक्ति की आवश्यकता होती है। ना कि संपूर्ण अंगों की। मूक चेहरे कांपते हाथ व विक्षिप्त मस्तिष्क भी कमाल कर सकते है। बशर्तें उन्हें वह प्रशिक्षण मिले व उनमें वह जज्बा पैदा किया जा सके। यह शब्द अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर उत्थान अध्ययन एवं विकास संस्थान की निदेशिका डा. अंजू बाजपेयी ने कही।
विज्ञापन


डा. बाजपेयी ने कहा कि विकलांग वे व्यक्ति है, जो जुबान होते हुए भी अन्याय के विरुद्ध आवाज नहीं उठाते आंख होते हुए भी दूसरों का दर्द महसूस नहीं करते, वह पांव होते हुए भी किसी की मदद करने को नहीं उठते जिनको बनाने में भगवान से कोई चूक हो गई हो तो विकलांग नहीं दिव्यांग है और ये सिद्ध किया उत्थान की कोशिश इकाई के दिव्यांग बच्चों ने उत्थान के विशेष बच्चों की उपलब्धियों को गिनाते हुए कोशिश के समन्वयक रविंद मिश्रा ने बताया कि हाल की में गुवाहटी में आयोजित राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए शिखर ने कांस्य पदक प्राप्त किया व हिसार में आयोजित साइकिलिंग प्रातियोगिता में अंकुर ने स्वर्ण पदक जीत कर राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपना परचम लहराया यहीं नहीं सेठ जयप्रकाश प्रबंधन एवं तकनीक संस्थान रादौर द्वारा आयोजित एविम रिजनल ओलम्पिकस 2016 में प्रदूषण रहित गाड़ी का माडल बना अमन, कर्ण, रवि, वर्निका, मनमोहिनी, महक, आकाश, शिवानी, व शोएब ने न केवल सबकों आश्चर्यचकित किया, बल्कि 6-8 जनवरी तक दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी अपना स्थान बना लिया।
विज्ञापन


डांस में अपनी योग्यता का लोहा मनाते हुए उत्थान के दिव्यांग लड़के लड़कियों ने टेलेंट आफ इंडिया में दो पड़ाव पार कर तीसरे में अपनी जगह बना ली है। विश्व विकलांगता दिवस के अवसर पर आयोजित रैली में भाग लेते हुए इन दिव्यांग बच्चों ने बखूबी बता दिया कि उन्हें किसी की दया नहीं बल्कि सहयोग चाहिए। वे किसी से कम नहीं व जमाना उनसे है, वे जमाने से नहीं। दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण दे इस स्तर तक पहुंचाने में उनकी प्रशिक्षकों शशि वासन, अनीता शर्मा, वैशाली, धीमान, जसविंद्र कौर, हनी, तोमर, सुषमा मनोचा का अद्वितीय योगदान है। इस मौके पर चाइल्ड लाइन समन्वयक भानू प्रताप ने दिव्यांग बच्चों के लिए नए अवसर तलाशना व उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोडने का चाइल्ड लाइन यमुनानगर का वादा दोहराते हुए उत्थान कोशिश की टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed