{"_id":"58445f544f1c1be221a8663d","slug":"yamuna-nagar-mother-and-father","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां-बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां-बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धन
amar ujala beuro yamunanagar
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
gdg
- फोटो : gsd
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगाधरी सिविल लाइन स्थित गोशाला ग्राउंड में श्री दिगंबर जैन मंदिर सभा द्वारा आयोजित धार्मिक समारोह में कड़वे प्रवचनों के लिए मशहूर क्रांतिकारी राष्ट्र संत मुनिश्री तरूण सागर ने श्रद्धालुओं को अपने प्रवचनों के माध्यम से जीवन के रहस्य के बारे विस्तार से बताया।
समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया व यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी शिरकत की। तरूण सागर महाराज ने अपने कड़वे प्रवचनों में बोलते हुए कहा कि मां-बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धन है। धन-दौलत व पैसे से आदमी अमीर नहीं होता, असली दौलत वह नहीं होती जो तिजोरी में होती है, असली दौलत वह होती है जब बेटा-बेटी यह कहे कि मेरे माता-पिता ही हमारे लिए सब कुछ हैं। उन्होंने कहा कि सच्चे दिल से की गई पुकार/प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती, बेशर्ते वह दिल से की गई पुकार/प्रार्थना हो।
इसलिए हमें सच्चे दिल से ईश्वर को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार में शांति लाने के लिए पति-पत्नी को आपस में तालमेल बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शादी के 20 साल बाद जब पति-पत्नी एक दूसरे से तालमेल बनाकर चलेंगे, परिवार के प्रत्येक आदमी के चेहरे पर मुस्कराहट होगी, तो उस घर में स्वर्ग होगा और जिस घर के सदस्य के मन में अशांति होगी वहां पर नरक होगा। उन्होंने कहा कि परिवार में सुख-शांति के लिए, जीवन के विकास के लिए, परिवर्तन के लिए, स्मृद्धि के लिए एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करें। तभी परिवार सुखमय बन सकता है, इसलिए हर समय अपना दिमाग ठंडा रखें, अपनी जुबान में नम्रता, दया, करूणा व क्षमा लाएं, तभी स्वर्ग मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में हमेशा दो चीजों भगवान व मौत को हमेशा याद रखना चाहिए।
विज्ञापन
मनुष्य को सहनशीलता से काम करना चाहिए। जहां पर सहनशीलता होगी, जिसे सहन करना आ गया है वहां पर सुख आ गया है, इसलिए सहनशीलता व दया करने की भावना की आदत डालनी चाहिए। समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने राष्ट्र संत मुनि तरूण सागर महाराज के प्रवचनों को ध्यान से सुना और कहा कि हमें भी राष्ट्र संत मुनि श्री तरूण सागर महाराज के प्रवचनों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
विज्ञापन
समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया व यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी शिरकत की। तरूण सागर महाराज ने अपने कड़वे प्रवचनों में बोलते हुए कहा कि मां-बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धन है। धन-दौलत व पैसे से आदमी अमीर नहीं होता, असली दौलत वह नहीं होती जो तिजोरी में होती है, असली दौलत वह होती है जब बेटा-बेटी यह कहे कि मेरे माता-पिता ही हमारे लिए सब कुछ हैं। उन्होंने कहा कि सच्चे दिल से की गई पुकार/प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती, बेशर्ते वह दिल से की गई पुकार/प्रार्थना हो।
विज्ञापन
इसलिए हमें सच्चे दिल से ईश्वर को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार में शांति लाने के लिए पति-पत्नी को आपस में तालमेल बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शादी के 20 साल बाद जब पति-पत्नी एक दूसरे से तालमेल बनाकर चलेंगे, परिवार के प्रत्येक आदमी के चेहरे पर मुस्कराहट होगी, तो उस घर में स्वर्ग होगा और जिस घर के सदस्य के मन में अशांति होगी वहां पर नरक होगा। उन्होंने कहा कि परिवार में सुख-शांति के लिए, जीवन के विकास के लिए, परिवर्तन के लिए, स्मृद्धि के लिए एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करें। तभी परिवार सुखमय बन सकता है, इसलिए हर समय अपना दिमाग ठंडा रखें, अपनी जुबान में नम्रता, दया, करूणा व क्षमा लाएं, तभी स्वर्ग मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में हमेशा दो चीजों भगवान व मौत को हमेशा याद रखना चाहिए।
विज्ञापन
मनुष्य को सहनशीलता से काम करना चाहिए। जहां पर सहनशीलता होगी, जिसे सहन करना आ गया है वहां पर सुख आ गया है, इसलिए सहनशीलता व दया करने की भावना की आदत डालनी चाहिए। समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने राष्ट्र संत मुनि तरूण सागर महाराज के प्रवचनों को ध्यान से सुना और कहा कि हमें भी राष्ट्र संत मुनि श्री तरूण सागर महाराज के प्रवचनों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।