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हनुमान जयंती के दिन एक दर्जन बंदरों की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत

Tue, 11 Apr 2017 11:58 PM IST
yamuna nagar beuro
yamuna nagar beuro Updated Tue, 11 Apr 2017 11:58 PM IST
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yamuna nagar,  monky, ded
g - फोटो : yamuna nagar
श्रीहनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया और जगह-जगह हवन और भंडारे का आयोजन किया गया। दूसरी ओर इसी दिन श्रीहनुमान के अवतार कहे जाने वाले करीब एक दर्जन बंदरों को हथनीकुंड के पास किसी ने जहरीला पदार्थ दे दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मीडिया कर्मियों द्वारा वन्य प्राणी विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित करने पर मात्र दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी उनको देखने आए। पशु चिकित्सक ने मृत बंदरों को पोस्टमार्टम करवाकर सेंपल जांच के लिए भिजवा दिए।
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बंदरों का पशु चिकित्सक नंद किशोर ने सेंपल भेज दिया, जहां से जंाच के बाद पता चलेगा कि मौत कैसे हुई। प्रारंभिक जांच में पशु चिकित्सक की मानें तो जिस प्रकार से सभी बंदरों का शरीर नीला पड़ा है। उससे लगता है कि बंदरों की जहरीला पदार्थ खाने से ही मौत हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हथनीकुंड के पास बने शिवम ढाबे के पास बने खेतों और आसपास के जंगलों में एक-एक करके कई बंदर मृत पाए गए। कई राहगीरों ने भी मृत बंदरों के बारे में एक-दूसरे को बताया। मंगलवार का दिन होने और हनुमान जन्मोत्सव होने के कारण लोगों का ध्यान मृत बंदरों की ओर अधिक गया।
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राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों ने जब इसकी छानबीन की तो देखा कि क्षेत्र में कई जगह बंदर मृत अवस्था में पड़े मिले। इसका क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है कि मंगलवार और हनुमान जन्मोत्सव के दिन बंदरों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हुई। राहगीरों ने वन्य प्राणी विभाग को सूचित किया, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं आया। मीडिया कर्मियों द्वारा उच्चाधिकारी को सूचित करने पर वन्य प्राणी विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी सरकारी जिप्सी लेकर मौके पर पहुंचे। काफी देर बाद पशु चिकित्सक नंद किशोर मौके पर पहुंचे और मृत बंदरों को पोस्टमार्टम किया और जांच के लिए लैब भेज दिया।
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उन्हें मामले की सूचना नहीं है। वैसे जिस प्रकार से बंदरों की मौत हुई है या तो फूड प्वाजनिंग हो सकती है या फिर जान-बूझकर किसी ने जहरीला पदार्थ दिया है।
शिव कुमार, डीएफओ, यमुनानगर।
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