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किसानों से मिले स्पीकर और विधायक, आश्वासन पर भी जारी रखा धरना
amar ujala beuro yamunanagar
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:51 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मानकपुर स्थित एचएसआईआईडीसी कार्यालय के बाहर किसानों की हड़ताल 25वें दिन भी जारी रही। शनिवार को किसानों से मिलने विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल व यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन में जल्द जमीन की किश्त आने की बात कही, किंतु इसके बाद भी किसानों ने हड़ताल व धरने-प्रदर्शन को जारी रखा।
किसान गुरदीप, दर्शनसिंह, अमित, ओंकार, संजीव, निर्मल ने कहा कि जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर वह 25 दिन से एचएसआईआईडीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। हर रोज धरने-प्रदर्शन में शामिल दो किसान भूख हड़ताल पर बैठते हैं। उन्होंने बताया कि मानकपुर, उधमगढ़ व गढ़ी बंजारा गांवों की 259 एकड़ भूमि का मानकपुर इंडस्ट्री एरिया फेस दो के लिए अधिग्रहण का नोटिस 2007 में हुआ था। इसका मुआवजा 2009 में आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया गया। इसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। कोर्ट से 2015 में आदेश हुए कि किसानों को तीस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
19 माह बीत जाने के बाद भी कोर्ट के आदेश पर एचएसआईआईडीसी ने कोई मुआवजा राशि किसानों को नहीं दी। उन्होंने कहा कि यदि वह मुआवजा देने में सक्षम नहीं है तो दिसंबर 2016 में मानकपुर के इसी रकबे में से और जमीन क्यों अधिग्रहण कर रहे हैं। एचएसआईआईडीसी द्वारा अन्य जिलों में तो मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन अभी तक हमें क्यों वंचित रखा गया है।
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एचएसआईआईडीसी के पास न तो कोई स्टे आर्डर है और न ही कोई रोक है। फिर भी एचएसआईआईडीसी कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने 16 नवंबर से एचएसआईआईडीसी के मुख्य गेट पर धरना दिया और उसके बाद भूख हड़ताल श्ुारू की, लेकिन फिर भी उनकी समस्या का कोई समधान नहंी किया जा रहा है। अब किसानों ने फैसला किया है कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ही बैठे रहेंगे।
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किसान गुरदीप, दर्शनसिंह, अमित, ओंकार, संजीव, निर्मल ने कहा कि जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर वह 25 दिन से एचएसआईआईडीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। हर रोज धरने-प्रदर्शन में शामिल दो किसान भूख हड़ताल पर बैठते हैं। उन्होंने बताया कि मानकपुर, उधमगढ़ व गढ़ी बंजारा गांवों की 259 एकड़ भूमि का मानकपुर इंडस्ट्री एरिया फेस दो के लिए अधिग्रहण का नोटिस 2007 में हुआ था। इसका मुआवजा 2009 में आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया गया। इसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। कोर्ट से 2015 में आदेश हुए कि किसानों को तीस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
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19 माह बीत जाने के बाद भी कोर्ट के आदेश पर एचएसआईआईडीसी ने कोई मुआवजा राशि किसानों को नहीं दी। उन्होंने कहा कि यदि वह मुआवजा देने में सक्षम नहीं है तो दिसंबर 2016 में मानकपुर के इसी रकबे में से और जमीन क्यों अधिग्रहण कर रहे हैं। एचएसआईआईडीसी द्वारा अन्य जिलों में तो मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन अभी तक हमें क्यों वंचित रखा गया है।
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एचएसआईआईडीसी के पास न तो कोई स्टे आर्डर है और न ही कोई रोक है। फिर भी एचएसआईआईडीसी कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने 16 नवंबर से एचएसआईआईडीसी के मुख्य गेट पर धरना दिया और उसके बाद भूख हड़ताल श्ुारू की, लेकिन फिर भी उनकी समस्या का कोई समधान नहंी किया जा रहा है। अब किसानों ने फैसला किया है कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ही बैठे रहेंगे।