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Yamuna Nagar News: गंदगी से अटे यमुना नहर के किनारे और घाट
Mon, 09 Sep 2024 04:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Sep 2024 04:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गणपति विसर्जन 17 सितंबर को है। इसके बावजूद इसकी प्रशासनिक स्तर पर तैयारी खास नहीं है। क्यों अभी भी यमुना नहर की पटरी के उबड़-खाबड़ रास्ते पर मलबा व कीचड़ है। वहीं नहर किनारे व घाटों के पास भी कचरे के ढेर व कई फीट घास-झाड़ियां हैं। यहां हालात सुधारने के लिए नगर निगम और सिंचाई विभाग ने अभी तक काम नहीं शुरू किया है।
गणपति विसर्जन के लिए सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ पश्चिमी यमुना नहर के घाट व किनारों पर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहती है। यहां करीब 40 हजार लोग सुबह से शाम तक अलग-अलग टोलियों में गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे से घास व झाड़ सहित गंदगी साफ कराते हैं।
इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। हालात ये हैं कि चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक नहर की पटरी के कच्चे रास्ते उबड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिस पर बारिश के जलभराव से जगह-जगह कीचड़ हो गया है। साथ ही पटरी के रास्ते कई जगह मलबा गिराया गया, पर उसे समतल नहीं किया गया। इससे यहां आवाजाही बाधित हो रही है। इसके अलावा नहर के किनारे व घाट समीप कई फीट घास-झाड़ व कचरे के ढेर लगे हैं।
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हालात सुधारें जिम्मेदार विभाग
दशमेश कॉलोनी के आनंद शर्मा ने कहा कि कॉलोनी में सरस्वती क्लब की ओर से 10वां गणपति उत्सव मनाया जा रहा है। पंडाल में गणपति मूर्ति की स्थापना कर दी गई है। शोभायात्रा निकाल 17 सितंबर को मूर्ति का पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया जाना है। नहर की पटरी के रास्ते कीचड़ व मलबा पड़ा है और नहर के किनारे व घाट समीप भी गंदगी व घास व झाड़ियां उगी हैं। नगर निगम व सिंचाई विभाग को समय रहते हालात सुधारने चाहिए।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। गणपति विसर्जन 17 सितंबर को है। इसके बावजूद इसकी प्रशासनिक स्तर पर तैयारी खास नहीं है। क्यों अभी भी यमुना नहर की पटरी के उबड़-खाबड़ रास्ते पर मलबा व कीचड़ है। वहीं नहर किनारे व घाटों के पास भी कचरे के ढेर व कई फीट घास-झाड़ियां हैं। यहां हालात सुधारने के लिए नगर निगम और सिंचाई विभाग ने अभी तक काम नहीं शुरू किया है।
गणपति विसर्जन के लिए सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ पश्चिमी यमुना नहर के घाट व किनारों पर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहती है। यहां करीब 40 हजार लोग सुबह से शाम तक अलग-अलग टोलियों में गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे से घास व झाड़ सहित गंदगी साफ कराते हैं।
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इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। हालात ये हैं कि चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक नहर की पटरी के कच्चे रास्ते उबड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिस पर बारिश के जलभराव से जगह-जगह कीचड़ हो गया है। साथ ही पटरी के रास्ते कई जगह मलबा गिराया गया, पर उसे समतल नहीं किया गया। इससे यहां आवाजाही बाधित हो रही है। इसके अलावा नहर के किनारे व घाट समीप कई फीट घास-झाड़ व कचरे के ढेर लगे हैं।
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हालात सुधारें जिम्मेदार विभाग
दशमेश कॉलोनी के आनंद शर्मा ने कहा कि कॉलोनी में सरस्वती क्लब की ओर से 10वां गणपति उत्सव मनाया जा रहा है। पंडाल में गणपति मूर्ति की स्थापना कर दी गई है। शोभायात्रा निकाल 17 सितंबर को मूर्ति का पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया जाना है। नहर की पटरी के रास्ते कीचड़ व मलबा पड़ा है और नहर के किनारे व घाट समीप भी गंदगी व घास व झाड़ियां उगी हैं। नगर निगम व सिंचाई विभाग को समय रहते हालात सुधारने चाहिए।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।