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Yamuna Nagar News: त्योहार मनाने गए मजदूर, प्लाई का उत्पादन घटा
Mon, 28 Oct 2024 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 28 Oct 2024 12:51 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। दिवाली व छठ पर्व मनाने के लिए हजारों की संख्या में मजदूर बिहार लौटना शुरू हो गए हैं। मजदूर अब छठ पूजा के बाद ही घर लौटेंगे। इसका सीधा असर जिले की प्लाईवुड इंडस्ट्री पर पड़ना शुरू हो गया है। मजदूरों की कमी के चलते प्लाईवुड फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो गया है। इससे प्लाईवुड कारोबारी ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में प्लाईवुड की 300 से अधिक यूनिट हैं। इसके अलावा 400 से अधिक पीलिंग व सॉ मिल हैं। इन यूनिटों में रोजाना 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। यहां बनी प्लाई देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई होती है। मजबूत व अच्छी क्वालिटी होने के कारण यहां तैयार प्लाई को लोग आंख बंद करके खरीद लेते हैं।
फैक्टरियों में प्लाई तैयार करने के लिए ज्यादातर मजदूर बिहार से आते हैं। स्थानीय मजदूर शर्तों पर काम करते हैं. इसलिए प्लाईवुड कारोबारी बिहार से आए मजदूरों को अच्छी खासी संख्या में काम देते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों से आए करीब 50 हजार से अधिक श्रमिक प्लाई फैक्ट्रियों, पीलिंग मशीनों, चिपर टोका मशीनों व 505 आरा मशीनों पर लगे हैं। छठ पूजा बिहार के लोगों का सबसे बड़ा पर्व है। यह महापर्व परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं।
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यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्टरियों में जो मजदूर काम करते हैं, उनमें से 20 से 25 प्रतिशत छठ पर्व मनाने के लिए बिहार चले जाते हैं। छठ पूर्व से पहले दिवाली आती है। मजदूर दिवाली से पहले ही घर लौटना शुरू कर देते हैं। बिहार से आने व जाने में ही मजदूरों को ट्रेन से 24 से 36 घंटे लगते हैं। इससे 10 नवंबर तक का समय प्लाईवुड इंडस्ट्री के लिए काफी महंगा पड़ने वाला है। वहीं काफी मजदूर ऐसे भी हैं जिनके परिवार में शादी समारोह भी हैं, जिनके यहां समारोह हैं वह और भी देरी से आएंगे।
ऑल इंडिया प्लाईवुड एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र चावला का कहना है कि जो मजदूर छठ पूजा मनाने के बाद ही लौटेंगे। इससे फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 25 प्रतिशत तक कम हो जाता है और काफी नुकसान होता है।
प्लाईवुड फैक्ट्री एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूर भी त्योहार मनाते हैं। इसलिए ज्यादातर प्लाईवुड फैक्टरियों को दिवाली से एक दिन पहले से लेकर छठ पूजा तक बंद ही कर देते हैं। संवाद
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यमुनानगर। दिवाली व छठ पर्व मनाने के लिए हजारों की संख्या में मजदूर बिहार लौटना शुरू हो गए हैं। मजदूर अब छठ पूजा के बाद ही घर लौटेंगे। इसका सीधा असर जिले की प्लाईवुड इंडस्ट्री पर पड़ना शुरू हो गया है। मजदूरों की कमी के चलते प्लाईवुड फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो गया है। इससे प्लाईवुड कारोबारी ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में प्लाईवुड की 300 से अधिक यूनिट हैं। इसके अलावा 400 से अधिक पीलिंग व सॉ मिल हैं। इन यूनिटों में रोजाना 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। यहां बनी प्लाई देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई होती है। मजबूत व अच्छी क्वालिटी होने के कारण यहां तैयार प्लाई को लोग आंख बंद करके खरीद लेते हैं।
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फैक्टरियों में प्लाई तैयार करने के लिए ज्यादातर मजदूर बिहार से आते हैं। स्थानीय मजदूर शर्तों पर काम करते हैं. इसलिए प्लाईवुड कारोबारी बिहार से आए मजदूरों को अच्छी खासी संख्या में काम देते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों से आए करीब 50 हजार से अधिक श्रमिक प्लाई फैक्ट्रियों, पीलिंग मशीनों, चिपर टोका मशीनों व 505 आरा मशीनों पर लगे हैं। छठ पूजा बिहार के लोगों का सबसे बड़ा पर्व है। यह महापर्व परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं।
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यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्टरियों में जो मजदूर काम करते हैं, उनमें से 20 से 25 प्रतिशत छठ पर्व मनाने के लिए बिहार चले जाते हैं। छठ पूर्व से पहले दिवाली आती है। मजदूर दिवाली से पहले ही घर लौटना शुरू कर देते हैं। बिहार से आने व जाने में ही मजदूरों को ट्रेन से 24 से 36 घंटे लगते हैं। इससे 10 नवंबर तक का समय प्लाईवुड इंडस्ट्री के लिए काफी महंगा पड़ने वाला है। वहीं काफी मजदूर ऐसे भी हैं जिनके परिवार में शादी समारोह भी हैं, जिनके यहां समारोह हैं वह और भी देरी से आएंगे।
ऑल इंडिया प्लाईवुड एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र चावला का कहना है कि जो मजदूर छठ पूजा मनाने के बाद ही लौटेंगे। इससे फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 25 प्रतिशत तक कम हो जाता है और काफी नुकसान होता है।
प्लाईवुड फैक्ट्री एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूर भी त्योहार मनाते हैं। इसलिए ज्यादातर प्लाईवुड फैक्टरियों को दिवाली से एक दिन पहले से लेकर छठ पूजा तक बंद ही कर देते हैं। संवाद