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रिहायशी क्षेत्र में तेंदुआ घुसने से दहशत, दो घंटे बाद जाल में फंसा

Mon, 22 Jul 2019 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 11:45 PM IST
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wild life team, people
पिंजरे में मौजूद नर तेंदुआ - फोटो : YAMUNA NAGAR
बारिश के चलते जंगली जानवरों की रिहायशी इलाकों में दस्तक बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्र के किनारे बसे गांवों में तेंदुओं के घुसने का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह गांव संधाए में एक नर तेंदुआ घुस गया। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। एक पखवाड़े के भीतर यह तीसरा मौका है, जब रिहायशी क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया। दो घंटे की मशक्कत के बाद वाइल्ड लाइफ की टीम ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद ट्रेंकुलाइज इंजेक्शन लगा कर उसे बेहोश किया और पिंजरे में बंद करके बनसंतोर ट्रीटमेंट सेंटर में भेजा गया है। जहां उसे वाइल्ड लाइफ चिकित्सक की देखरेख में रखा गया है।
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गांव की महिला लाभो देवी सुबह करीब दस बजे अपने घर के समीप गोगा मेड़ी मंदिर के सामने एक बाडे़ में गोबर डालने गई थी। इसी दौरान उसे झाड़ियों से तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह डर गई और भागकर गांव में शोर मचा दिया। तेंदुए के घुसने की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और सभी लोगों ने घर के दरवाजे बंद कर अपने आप को कैद कर लिया। सूचना मिलने पर वाइल्ड लाइफ की टीम मौके पर पहुंची और झाड़ियों में मौजूद तेंदुए को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया गया। मौके पर पिंजरा व दो जाल लगाया गया, लेकिन तेंदुए के झाड़ियों में छिपा होने से वह काबू नहीं आया। फिर जेसीबी मशीन के साथ कर्मचारियों को झाड़ियां काटने पर लगाया गया। जेसीबी पर बैठ कर जिला वन्य अधिकारी राजेश चहल व अन्य कर्मचारियों ने तेंदुए पर जाल फेंक दिया। जाल में फंसते ही ट्रेंकुलाइज इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया गया। जानवर के पकड़े जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली और पिंजरे के पास बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले बिलासपुर क्षेत्र में एक मृत तेंदुआ मिला था। वहीं थर्मल प्लांट परिसर में भी एक तेंदुआ दिखाई दिया था। जिसे पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ की टीम ने पिंजरे लगा रखे हैं।
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पकड़ा गया जानवर बीमार लग रहा है। उसको ड्रिप लगाकर उपचार शुरू किया गया है। स्वस्थ होने पर ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। आसपास का इलाका जंगल क्षेत्र है। जिसके चलते जंगली जानवर भटक कर रिहायशी क्षेत्र में आ रहे हैं। यह रूटीन है।
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-राजेश चहल, निरीक्षक, वाइल्ड लाइफ
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